फ्रांस में भड़का भारी उपद्रव: भारतीय दूतावास ने जारी की सख्त एडवाइजरी, पेरिस जाने वाले इन बातों का रखें विशेष ध्यान
News Image

फ्रांस में चल रहे हिंसक विरोध प्रदर्शनों और कई इलाकों में लागू कर्फ्यू के बीच पेरिस स्थित भारतीय दूतावास ने भारतीय नागरिकों के लिए एक सख्त एडवाइजरी जारी की है। यदि आप फ्रांस में रह रहे हैं या वहां यात्रा करने की योजना बना रहे हैं, तो विशेष सावधानी बरतना अनिवार्य है।

दूतावास की प्रमुख सलाह दूतावास ने नागरिकों को प्रदर्शन वाली जगहों, भीड़भाड़ वाले इलाकों और बड़े धरना-प्रदर्शनों से पूरी तरह दूर रहने की हिदायत दी है। छात्रों और यात्रियों को स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का कड़ाई से पालन करने और वहां के हालात पर निरंतर नजर बनाए रखने को कहा गया है।

किसी भी स्थिति में आधिकारिक जानकारी के लिए केवल विश्वसनीय स्रोतों का उपयोग करें। आप अपडेट के लिए फ्रांस सरकार की आधिकारिक वेबसाइट gouvernement.fr और सार्वजनिक परिवहन की जानकारी के लिए ratp.fr की मदद ले सकते हैं।

आपातकालीन संपर्क नंबर किसी भी संकट या आपात स्थिति में भारतीय नागरिक पेरिस स्थित दूतावास से सीधे संपर्क कर सकते हैं:

क्यों सुलग रहा है फ्रांस? प्रदर्शनों की शुरुआत सितंबर के मध्य में पेरिस के स्कूलों में शिक्षकों की कमी, खराब होती बुनियादी ढांचों और बढ़ती भीड़ को लेकर हुई थी। धीरे-धीरे यह आंदोलन महंगाई, सार्वजनिक सेवाओं में गिरावट और जीवन यापन के बढ़ते खर्च के मुद्दों में बदल गया, जिसमें अब ट्रेड यूनियनें भी शामिल हो गई हैं।

हिंसा का तांडव और सरकारी कार्रवाई लिमेज जैसे शहरों में ऐतिहासिक इमारतों और टाउन हॉल को आग के हवाले कर दिया गया है। लूटपाट और हिंसा बढ़ने के बाद पेरिस और लियोन के महत्वपूर्ण इलाकों में रात का कर्फ्यू लगा दिया गया है। गृह मंत्रालय के अनुसार, अब तक 2,500 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है।

प्रधानमंत्री सेबास्टियन लेकोर्नू ने आगामी प्रदर्शनों को देखते हुए भारी पुलिस बल की तैनाती का आश्वासन दिया है। हालांकि, राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के लिए चुनौती दोहरी है—एक तरफ उन्हें प्रदर्शनकारियों की नाराजगी को शांत करना है, तो दूसरी तरफ गिरती आर्थिक स्थिति और संसद में स्पष्ट बहुमत न होने के कारण नीतिगत फैसले लेना कठिन हो रहा है।

फ्रांस जाने वाले यात्रियों के लिए सुझाव यदि आपकी यात्रा अपरिहार्य है, तो अपनी यात्रा से पहले संबंधित एयरलाइंस और स्थानीय परिवहन वेबसाइटों को जरूर चेक करें। किसी भी प्रकार की अफवाहों पर यकीन न करें और दूतावास द्वारा समय-समय पर जारी किए जा रहे अपडेट्स को फॉलो करते रहें। याद रखें, स्थिति किसी भी समय बदल सकती है, इसलिए स्थानीय सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करना ही सबसे सुरक्षित विकल्प है।

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

मणिपुर हिंसा: तीन मौतों के बाद भड़का आक्रोश, मशाल रैली और पुलिस के बीच तीखी झड़प

Story 1

सीजेपी के सौरभ दास और आशुतोष रांका रिहा: जेल से बाहर आते ही बोले- सत्य की जीत हुई

Story 1

भारत-पोलैंड के बढ़ते रणनीतिक संबंध: आज पीएम मोदी और डोनाल्ड टस्क के बीच अहम वार्ता

Story 1

मैं कोई ट्रैवल एजेंट नहीं हूं : राहुल गांधी की विदेश यात्रा पर तल्ख हुए शशि थरूर

Story 1

POCO X8s का धमाका: कॉम्पैक्ट डिजाइन में मिली 6,330mAh की बड़ी बैटरी और दमदार फीचर्स

Story 1

जुबान फिसली तो मचा बवाल: रणबीर कपूर ने रामायण के प्रमोशन के दौरान अपनी गलती पर मांगी माफी

Story 1

भारतीय जनसंघ के 75 साल: श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बीज से पीएम मोदी के विकसित भारत तक की गौरवगाथा

Story 1

टीवी चैनलों पर नकेल: आतंकी ऑपरेशन की लाइव कवरेज से लेकर AI तक, सरकार ने जारी की सख्त गाइडलाइंस

Story 1

राम-कृष्ण को भगवान नहीं मानूंगा : सपा प्रवक्ता राजकुमार भाटी का वीडियो वायरल, मचा सियासी बवाल

Story 1

रील के चक्कर में मौत से भिड़ी मासूम: माता-पिता कैमरे में खोए, लहरों ने दबोची बच्ची