पंजाब में बुधवार, 21 अक्टूबर 2026 को परिवहन व्यवस्था और सरकारी कामकाज पर गहरा संकट देखने को मिला। राज्य की आम आदमी पार्टी सरकार के खिलाफ दो बड़े आंदोलनों ने आम जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है।
पंजाब रोडवेज, PUNBUS और पेप्सू रोड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (PRTC) के हजारों संविदा कर्मचारियों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। इसके चलते राज्य भर में बस सेवाएं बुरी तरह चरमरा गई हैं। लोग अपने जरूरी कार्यों, दफ्तर और शिक्षण संस्थानों तक जाने के लिए भारी दिक्कतों का सामना कर रहे हैं।
कर्मचारी संगठनों का कहना है कि वे केवल मौखिक आश्वासन से संतुष्ट नहीं होंगे। उनकी मुख्य मांगों में संविदा और आउटसोर्स कर्मचारियों को नियमित करना, निजी एजेंसियों की भूमिका खत्म करना और पिछले आंदोलनों के दौरान दर्ज किए गए कानूनी मामलों को वापस लेना शामिल है। यूनियन के अध्यक्ष रेशम सिंह गिल ने स्पष्ट किया कि जब तक सरकार की ओर से लिखित अधिसूचना और ठोस समयसीमा नहीं दी जाती, तब तक बसें सड़कों पर नहीं उतरेंगी।
परिवहन विभाग और कर्मचारियों के बीच बुधवार को हुई बैठक किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच सकी। सरकार का कहना है कि कुछ तकनीकी और प्रशासनिक प्रक्रियाएं लंबित हैं, जिसे कर्मचारी संगठन मानने को तैयार नहीं हैं। फिलहाल पूर्ण रूप से बसें बंद नहीं हैं, लेकिन सेवाओं में भारी कटौती के कारण यात्रियों को निजी वाहनों पर निर्भर होना पड़ रहा है।
परिवहन कर्मचारियों के साथ-साथ राज्य के सरकारी विभागों के कर्मचारियों ने भी 21 और 22 अक्टूबर को दो दिन की सामूहिक आकस्मिक छुट्टी (Mass Casual Leave) का ऐलान किया है। चंडीगढ़ सचिवालय से लेकर जिलों के उपायुक्त कार्यालयों तक प्रदर्शन हो रहे हैं। यह आंदोलन महंगाई भत्ते (DA) की लंबित किस्तों, पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली और वेतन विसंगतियों को लेकर किया जा रहा है।
कर्मचारी नेताओं ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के रवैये पर नाराजगी जताई है। प्रदर्शनकारी कर्मचारियों का आरोप है कि उन्हें मुख्य सचिव स्तर पर बातचीत के लिए बुलाया जा रहा है, जबकि मुख्यमंत्री ने खुद समाधान का वादा किया था। सांझा मुलाजिम मंच के संयोजक सुखचैन खेड़ा ने कहा कि सरकार अपने वादों से पीछे हट रही है, जिससे कर्मचारियों में अविश्वास की स्थिति है।
फिलहाल, पंजाब सरकार दो मोर्चों पर घिरी हुई है। एक ओर परिवहन व्यवस्था को बहाल करना चुनौती है, तो दूसरी ओर सरकारी विभागों के अटके हुए कामकाज को सुचारू करना। सरकारी कर्मचारियों की सामूहिक छुट्टी तो गुरुवार को समाप्त हो जाएगी, लेकिन परिवहन कर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल कब खत्म होगी, यह पूरी तरह सरकार के अगले कदम पर निर्भर करेगा।
Amritsar, Punjab: Punjab Roadways and PRTC-PUNBUS contractual workers have launched an indefinite strike after talks with the Transport Minister failed, demanding regularisation of jobs and withdrawal of cases against employees pic.twitter.com/ebm7GIWXoW
— IANS (@ians_india) October 21, 2026
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