अमेरिकी सिंगर मैरी मिलबेन के एक सोशल मीडिया पोस्ट ने भारत की राजनीति में हलचल मचा दी है। इस पोस्ट में मिलबेन ने सिटिजन्स फॉर जस्टिस एंड पीस (CJP) को मिलने वाली विदेशी फंडिंग को लेकर गंभीर दावे किए हैं। इस खुलासे के बाद दिल्ली से लेकर हैदराबाद तक कांग्रेस और बीजेपी के बीच जुबानी जंग छिड़ गई है।
बीजेपी का आरोप: भारत को अस्थिर करने की साजिश तेलंगाना बीजेपी अध्यक्ष एन. रामचंदर राव ने मिलबेन के दावे को आधार बनाते हुए विपक्ष पर कड़ा प्रहार किया है। राव का आरोप है कि CJP को अमेरिका से फंडिंग मिल रही है ताकि भारत की स्थिरता को नुकसान पहुंचाया जा सके।
उन्होंने दावा किया कि यह सब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ एक सुनियोजित अभियान है। राव ने इसे शाहीन बाग आंदोलन जैसा ही एक प्रयास बताया और आरोप लगाया कि CJP को आप (AAP) का फ्रंट संगठन बताते हुए जॉर्ज सोरोस जैसी विदेशी एजेंसियों से मदद मिल रही है।
कांग्रेस का पलटवार: बीजेपी की पुरानी चाल वहीं, कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने बीजेपी के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। तिवारी ने इसे प्रधानमंत्री मोदी और बीजेपी की एक पुरानी और घिसी-पिटी चाल करार दिया।
उन्होंने कहा कि जब भी देश में कोई बड़ा जन-आंदोलन होता है, तो बीजेपी ऐसे बयानों के जरिए ध्यान भटकाने की कोशिश करती है। कांग्रेस नेता ने जोर देकर कहा कि यह लड़ाई संविधान और लोकतंत्र को बचाने की है, जिसे बीजेपी अपनी राजनीतिक चालों से दबा नहीं सकती।
क्या है विवाद की जड़? विवाद की शुरुआत अमेरिकी सिंगर मैरी मिलबेन के उस पोस्ट से हुई, जिसमें उन्होंने CJP की फंडिंग पर सवाल उठाए थे। मिलबेन के अनुसार, भारत में विदेशी पैसा भेजकर राजनीतिक माहौल को प्रभावित करने और देश की शांति व्यवस्था को अस्थिर करने का प्रयास किया जा रहा है।
सियासी भविष्य पर असर दोनों प्रमुख दलों के इन तीखे बयानों से अब CJP का प्रस्तावित प्रदर्शन और भी चर्चा में आ गया है। जहाँ एक पक्ष इसे विदेशी साजिश मान रहा है, वहीं दूसरा पक्ष इसे लोकतांत्रिक अधिकार बताकर सरकार को घेरने की तैयारी में है। देखना यह होगा कि क्या इस मामले में कोई ठोस जांच सामने आती है या यह केवल राजनीतिक बयानबाजी बनकर रह जाएगा।
#WATCH | Hyderabad, Telangana: On singer Mary Millben s tweet, Telangana BJP President N Ramchander Rao says, Mary Millben disclosed that the Cockroach Janata Party is getting funds from America. A foreign fund is being pumped into India to destabilise the country and to carry… pic.twitter.com/bS8KsmlY59
— ANI (@ANI) October 15, 2026
न्यूयॉर्क में यूनुस के खिलाफ गूंजे नारे: क्या यह हसीना की वापसी की चाहत या शासन की विफलता का संकेत?
SEVA First Innovation Challenge 2026: छात्रों के पास ₹5.4 करोड़ जीतने का मौका, आज ही करें आवेदन
दिल्ली में भारत-कनाडा के बीच हाई-लेवल मीटिंग: जयशंकर और अनीता आनंद ने रणनीतिक साझेदारी पर की चर्चा
नई नवेली की रिलीज से पहले अयोध्या में नतमस्तक हुईं यामी गौतम, रामलला के दरबार में मांगी मन्नत
क्या फिर से पटरी पर लौटेंगे भारत-चीन संबंध? पीयूष गोयल के बयान से बढ़ी उम्मीदें
11 छात्राओं के यौन शोषण का मामला: कांग्रेस सांसद बिमोल अकोइजम को दिल्ली पुलिस का नोटिस, थाने में पेश होने को कहा
होर्मुज जलडमरूमध्य में बारूदी सुरंग का कहर: दो कंटेनर जहाज शिकार, एक डूबा
ध्रुव राठी की बढ़ीं मुश्किलें: 2018 के मानहानि मामले में कोर्ट ने जारी किया नया समन
वोटर लिस्ट में डबल वोट का खेल: SIR पर वायरल वीडियो ने छेड़ी नई बहस
दहला दुनिया का सबसे बड़ा ऑयल डिपो: हूतियों के मिसाइल हमले से भड़का सऊदी अरब, तेल संकट का खतरा