भारत लोकतंत्र की जननी है : ब्लूमबर्ग फोरम में पीएम मोदी ने दुनिया को बताया विकास का नया रास्ता
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली में आयोजित ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम को संबोधित करते हुए 21वीं सदी की नई शक्तियों और भारत के बढ़ते प्रभाव पर विस्तृत चर्चा की। पहली बार भारत में आयोजित हो रहे इस तीन दिवसीय कार्यक्रम में पीएम मोदी ने वैश्विक चुनौतियों के दौर में भारत को एक भरोसेमंद साथी के रूप में पेश किया।

21वीं सदी की नई परिभाषा: तकनीक ही शक्ति है पीएम मोदी ने कहा कि हर युग में शक्ति के अलग स्रोत रहे हैं, लेकिन आज का समय पूरी तरह बदल चुका है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब तकनीक, डेटा, नॉलेज और इनोवेशन ही असली शक्ति हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि असली सवाल यह नहीं है कि शक्ति किसके पास है, बल्कि यह है कि इसका उपयोग कैसे हो रहा है। पीएम ने पावर टू एम्पावर (सशक्तीकरण के लिए शक्ति) का नया दर्शन दुनिया के सामने रखा।

लोकतंत्र की जीवंतता और भारत की ताकत भारत को लोकतंत्र की जननी बताते हुए पीएम मोदी ने देश की विविधता और अभिव्यक्ति की आजादी को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि भारत में 100 से अधिक भाषाएं हैं, 80,000 से अधिक समाचार पत्र और 1,000 से ज्यादा टीवी चैनल हैं। सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि भारत में 500 मिलियन से अधिक यूट्यूब और इंस्टाग्राम उपयोगकर्ता हैं, जो अलग-अलग मुद्दों पर खुलकर बहस और चर्चा करते हैं।

वैश्विक संकट और भारत की भूमिका पीएम मोदी ने वर्तमान दशक को अभूतपूर्व चुनौतियों से भरा बताया। महामारी से लेकर युद्ध और सप्लाई चेन में आ रही अड़चनों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जिन चीजों ने कभी दुनिया को जोड़ा था, वे आज हथियार बन रही हैं। उन्होंने चिंता जताई कि सप्लाई चेन, एनर्जी और टेक्नोलॉजी अब दबाव बनाने का माध्यम बन गए हैं। ऐसे में पूरी दुनिया आज ट्रस्ट (भरोसे) के संकट से जूझ रही है।

दुनिया के लिए भरोसे का दूसरा नाम भारत पीएम मोदी ने कहा कि आज दुनिया यह देखना चाहती है कि मुश्किल समय में कौन सा देश उनके साथ खड़ा रहेगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि भारत एक अलग मिजाज और सकारात्मक सोच के साथ वैश्विक मंच पर काम कर रहा है। भारत केवल अपनी प्रगति पर ध्यान नहीं दे रहा, बल्कि दुनिया को एक भरोसेमंद और मजबूत पार्टनर प्रदान कर रहा है।

माइकल ब्लूमबर्ग के साथ गहरे संबंध संबोधन के दौरान पीएम मोदी ने न्यूयॉर्क के पूर्व मेयर माइकल ब्लूमबर्ग की प्रशंसा की। उन्होंने 30 साल पुरानी मित्रता और भारत के प्रति ब्लूमबर्ग के लगाव का जिक्र करते हुए कहा कि उनके विचार हमेशा सकारात्मक ऊर्जा देने वाले रहे हैं। उन्होंने माइकल ब्लूमबर्ग को एक सफल और समर्पित व्यक्ति बताते हुए उनके प्रति अपना व्यक्तिगत सम्मान व्यक्त किया।

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