नई दिल्ली: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और INDIA ब्लॉक के 11 नेताओं की सुप्रीम कोर्ट में मुश्किलें बढ़ गई हैं। चुनाव आयोग के खिलाफ दायर की गई उनकी याचिका में रजिस्ट्री ने 14 बड़ी कमियां निकाली हैं, जिसके चलते इसे सुनवाई के लिए लिस्ट नहीं किया जा सका है।
वकालतनामे पर नहीं हैं हस्ताक्षर सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री की जांच में सबसे गंभीर खामी वकालतनामे को लेकर सामने आई है। याचिका में शामिल 11 नेताओं में से 9 के वकालतनामे पर हस्ताक्षर ही नहीं हैं। नियमानुसार, वकालतनामा वह दस्तावेज है जिसके जरिए याचिकाकर्ता वकील को कोर्ट में पैरवी का अधिकार देता है। अखिलेश यादव, तेजस्वी यादव और संजय राउत समेत 9 नेताओं के हस्ताक्षर न होने से याचिका तकनीकी रूप से अधूरी है।
धुंधले दस्तावेज और फीस में कमी सिर्फ हस्ताक्षर ही नहीं, बल्कि फाइलों में और भी लापरवाही देखने को मिली है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के पहचान पत्र की कॉपी इतनी धुंधली है कि उसे पढ़ा नहीं जा सकता। साथ ही, याचिका दाखिल करने के लिए दी गई कोर्ट फीस में भी 220 रुपये की कमी पाई गई है।
चुनाव आयुक्तों को पार्टी बनाने पर सवाल रजिस्ट्री ने याचिका की वैधता पर भी सवाल उठाए हैं। रजिस्ट्री ने स्पष्टीकरण मांगा है कि आखिर चुनाव आयुक्तों को इस याचिका में व्यक्तिगत रूप से पार्टी क्यों बनाया गया है? धारा 32 के तहत दायर इस याचिका में कई दस्तावेजों की प्रतियां भी अस्पष्ट हैं, जिन्हें दोबारा साफ कॉपी में जमा करने का निर्देश दिया गया है।
क्या है मामला? राहुल गांधी के नेतृत्व में INDIA ब्लॉक के नेताओं ने वोट चोरी और चुनाव आयोग के डेटाबेस पर सवाल खड़े करते हुए यह याचिका दायर की थी। इसमें मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई और वोटर लिस्ट से नाम हटाए जाने के मामले में जवाबदेही तय करने की मांग की गई है।
अब क्या होगा आगे? सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री ने याचिकाकर्ताओं को इन 14 कमियों को दूर करने की सलाह दी है। जब तक वकालतनामों पर हस्ताक्षर, साफ दस्तावेज और पूरी कोर्ट फीस जमा नहीं की जाती, तब तक यह याचिका सुनवाई के लिए सूचीबद्ध नहीं हो पाएगी। राहुल गांधी की लीगल टीम को अब इन तकनीकी खामियों को सुधारकर फिर से इसे पेश करना होगा।
Delhi: More visuals of Congress MP and LoP Rahul Gandhi as he arrived at the Supreme Court. pic.twitter.com/1g3gvdkitU
— IANS (@ians_india) October 12, 2026
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