नई दिल्ली: नेशनल स्पॉट एक्सचेंज लिमिटेड (NSEL) घोटाले के पीड़ितों के लिए लंबे समय बाद उम्मीद की किरण जगी है। मुंबई की स्पेशल PMLA कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) को करीब 3,464 करोड़ रुपये की कुर्क की गई संपत्तियों को बेचने की अनुमति दे दी है। इस फैसले से 5,682 निवेशकों को उनका फंसा हुआ पैसा वापस मिलने का रास्ता साफ हो गया है।
कोर्ट के इस आदेश के बाद, इन संपत्तियों को बेचकर प्राप्त होने वाली राशि में से 1,950 करोड़ रुपये का एकमुश्त भुगतान (One-time settlement) किया जाएगा। यह राशि 63 मून्स टेक्नोलॉजीज लिमिटेड को सौंपी जाएगी, जो इन 5,682 निवेशकों को उनके दावे का कम से कम 42% हिस्सा वापस करेगी।
यह घोटाला साल 2013 में सामने आया था, जब NSEL के प्लेटफॉर्म पर बिना असल स्टॉक के कमोडिटीज में ट्रेडिंग का फर्जीवाड़ा हुआ। इस आपराधिक साजिश के कारण करीब 13,000 निवेशक प्रभावित हुए और 5,600 करोड़ रुपये का भुगतान डिफॉल्ट हो गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए ED ने मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत कार्रवाई शुरू की और आरोपियों की संपत्तियों को कुर्क करना शुरू किया।
इस सेटलमेंट स्कीम को पहले ही नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) ने मंजूरी दे दी थी, जिसे 92% से अधिक लेनदारों का समर्थन प्राप्त था। इस प्रक्रिया को रोकने के लिए NCLAT और सुप्रीम कोर्ट में कई अपीलें की गई थीं, लेकिन कोर्ट ने सभी याचिकाओं को खारिज कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने सख्त निर्देश दिए थे कि निवेशकों को उनका हक जल्द से जल्द मिलना चाहिए।
प्रवर्तन निदेशालय ने इस पूरी प्रक्रिया के लिए नो-ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) जारी कर दी है। कोर्ट के निर्देशानुसार, यदि संपत्ति की बिक्री से 1,950 करोड़ रुपये से अधिक की राशि प्राप्त होती है, तो अतिरिक्त धनराशि अंतिम न्यायिक निर्णय तक स्पेशल कोर्ट की कस्टडी में सुरक्षित रखी जाएगी।
इससे पहले, जस्टिस (रिटायर्ड) प्रदीप नंदराजोग की अध्यक्षता वाली सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित कमेटी के माध्यम से भी निवेशकों को 17.47 करोड़ रुपये वितरित किए जा चुके हैं। यह कदम वित्तीय अपराधों के खिलाफ ED की सख्त कार्रवाई और निवेशकों के हितों की रक्षा के लिए एक बड़ा उदाहरण है।
In a significant step towards investor restitution, the Hon’ble Special PMLA Court, Mumbai, has permitted monetisation of assets attached by ED worth ₹3,464 Crore (approx.) towards a ₹1,950 Crore settlement for 5,682 specified creditors under the NCLT-approved Scheme in… pic.twitter.com/pc2FZusAmR
— ED (@dir_ed) October 12, 2026
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