अगर आप नौकरीपेशा हैं और भविष्य में पेंशन का लाभ लेना चाहते हैं, तो कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के नए नियमों को समझना आपके लिए बेहद जरूरी है। EPFO ने हाल ही में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पेंशन योजना (EPS) की पात्रता और वेतन सीमा को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
वेतन सीमा में बड़ा बदलाव सरकार ने अनिवार्य कवरेज के लिए मासिक वेतन सीमा को 15,000 रुपये से बढ़ाकर 25,000 रुपये कर दिया है। यह नया नियम 17 सितंबर 2026 से प्रभावी हो चुका है। श्रम एवं रोजगार मंत्रालय का अनुमान है कि इस बदलाव से देश के करीब 51 लाख से अधिक कर्मचारियों को सीधे तौर पर सामाजिक सुरक्षा का दायरा मिलेगा।
किसे मिलेगा पेंशन का लाभ? EPFO के नए नियमों के मुताबिक:
EPF और EPS में अंतर समझें अक्सर लोग EPF और EPS को एक ही समझ लेते हैं, लेकिन दोनों के उद्देश्य अलग हैं।
नियमों के अनुसार, नियोक्ता (Employer) कर्मचारी के मूल वेतन का 12% EPF में जमा करता है। इस योगदान का 8.33% हिस्सा EPS (पेंशन) में जाता है, जबकि शेष राशि EPF खाते में जमा होती है।
निष्कर्ष यदि आप अपनी पेंशन को लेकर चिंतित हैं, तो सुनिश्चित करें कि आपका वेतन और आपकी सदस्यता का स्टेटस EPFO की गाइडलाइंस के दायरे में आता है। अपने भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए समय रहते इन शर्तों की जानकारी रखना आपके हित में है।
📢 Dear Employees,
— EPFO (@officialepfo) October 11, 2026
Be sure to know your EPS pension eligibility!
If your monthly salary is ₹25,000 or less, EPS membership is mandatory as per eligibility. If your monthly salary is more than ₹25,000, EPS membership is not mandatory. #EPFO #EPFOWithYou #HumHainNa #EPS pic.twitter.com/4dbOVL0NTS
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