वाराणसी प्रदर्शन पर मनोज तिवारी का तीखा प्रहार: देश को नेपाल-बांग्लादेश बनाने की साजिश
News Image

वाराणसी में CJP (सिटिजन्स फॉर जस्टिस एंड पीस) के हालिया प्रदर्शन पर भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने कड़े तेवर अपनाए हैं। उन्होंने इस प्रदर्शन को किसी जन-आंदोलन के बजाय सीधे तौर पर देश की संप्रभुता पर हमला करार दिया है।

अस्थिरता फैलाने का आरोप मनोज तिवारी ने कहा कि कुछ ताकतें सुनियोजित तरीके से देश में अराजकता फैलाना चाहती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विदेशी धरती से बैठे लोग और देश के भीतर के कुछ समूह मिलकर भारत को अस्थिर करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने साफ किया कि शांतिपूर्ण विरोध के नाम पर देश को अशांत करने की अनुमति नहीं दी जा सकती।

मस्क और ध्रुव राठी पर निशाना सांसद ने एलन मस्क और ध्रुव राठी की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, अमेरिकी कारोबारी एलन मस्क और जर्मनी में रह रहे ध्रुव राठी का भारत के आंतरिक मामलों, जैसे ज्ञानेश कुमार के मुद्दे से क्या लेना-देना है? उन्होंने आरोप लगाया कि ये लोग विदेशी एजेंडे के तहत भारत की संप्रभुता को चुनौती दे रहे हैं।

देश को नेपाल-बांग्लादेश जैसी स्थिति की ओर धकेलने की कोशिश तिवारी ने विपक्ष पर बड़ा हमला बोलते हुए दावा किया कि वोट चोरी का शोर मचाने वाले सभी लोग एक ही कतार में खड़े हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि ये ताकतें भारत को नेपाल और बांग्लादेश जैसी परिस्थितियों की ओर ले जाना चाहती हैं। हालांकि, उन्होंने सीधे तौर पर सबूतों का उल्लेख नहीं किया, लेकिन इस मुद्दे को राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़ दिया।

राहुल गांधी पर गंभीर आरोप राहुल गांधी पर हमला बोलते हुए मनोज तिवारी ने कहा कि विपक्ष में हताशा का स्तर चरम पर है। उन्होंने आरोप लगाया कि विरोध प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी का व्यवहार मर्यादित नहीं था और उन्होंने एक महिला कांस्टेबल के साथ अभद्रता की। उन्होंने कहा कि कानून अपने हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

घुसपैठियों की मतदाता सूची का मुद्दा मतदाता सूची में धांधली के दावों को खारिज करते हुए मनोज तिवारी ने उल्टा विपक्ष से सवाल किया। उन्होंने पूछा कि आखिर पाकिस्तानी और बांग्लादेशी घुसपैठियों के नाम मतदाता सूची में कैसे दर्ज हो गए? उन्होंने कहा कि जब ऐसे लोगों के नाम सूची से हटाए जा रहे हैं, तो कुछ लोगों को दर्द क्यों हो रहा है।

तिवारी के इस बयान के बाद सियासी गलियारों में हलचल तेज हो गई है। उन्होंने इसे केवल एक राजनीतिक विरोध नहीं, बल्कि देश की सुरक्षा और संप्रभुता के खिलाफ एक बड़ा षड्यंत्र बताया है। अब देखना यह है कि विपक्षी दल इस पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं।

*

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

इमरान खान पर भड़के भाजपा नेता: विदेशी नागरिक हैं, तुरंत देश से बाहर निकालो

Story 1

मैदान पर ये कैसी कॉमेडी ? तिलक वर्मा की एक गलती ने कराया शर्मसार

Story 1

लोकतंत्र की रक्षा का दावा: इंडिया गठबंधन आज निकालेगा सुप्रीम कोर्ट तक मार्च, CEC के इस्तीफे की मांग तेज

Story 1

CJI का विपक्ष को बड़ा झटका: राहुल-खरगे की मुलाकात की अर्जी खारिज, सुप्रीम कोर्ट मार्च से पहले बढ़ी मुश्किलें

Story 1

नाशिक में फूंक दिया विकास का बिगुल: मुख्यमंत्री फडणवीस ने शुरू किया समृद्ध पंचायत राज अभियान 2.0

Story 1

रणजी ट्रॉफी 2026-27: शिखर मोहन का धमाकेदार आगाज, पहले ही मैच में जड़ा शानदार शतक

Story 1

रूस-यूक्रेन के बीच एनर्जी सीजफायर ? ट्रंप के दावे पर दुनिया की नजरें, आखिर क्या है हकीकत?

Story 1

हिमाचल: नातिन के स्वागत में नाना ने रचाया इतिहास, बैंड-बाजे और रथ पर निकाली शाही सवारी

Story 1

दिल्ली में आर-पार की जंग: सुप्रीम कोर्ट मार्च का राहुल गांधी ने किया ऐलान, चुनाव आयोग पर उठाए बड़े सवाल

Story 1

दिल्ली प्रदर्शन और राहुल गांधी से मुलाकात: CJI सूर्यकांत ने साधी चुप्पी, कहा- यह मेरा मुद्दा नहीं