दिल्ली: AISA नेता नेहा बोरा ने हाल ही में पुलिस द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली डिटेंशन बसों को लेकर सनसनीखेज दावे किए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर इन बसों का एक वीडियो साझा करते हुए इन्हें चलती-फिरती जेल करार दिया है।
अंदर का खौफनाक मंजर वीडियो में नेहा बोरा बस के भीतर की स्थिति दिखा रही हैं। उन्होंने बताया कि बस के अंदर छोटी-छोटी कोठरियां बनाई गई हैं, जिन्हें खिड़की, दरवाजे और कुंडी से कसकर बंद किया गया है। नेहा के अनुसार, इन कोठरियों में वेंटिलेशन की भारी कमी है, जिससे सांस लेना तक मुश्किल हो जाता है। उन्होंने बताया कि जाली के पीछे कांच लगे हैं, जिससे बाहर की हवा अंदर नहीं आ पाती।
पुरुष प्रदर्शनकारियों के प्राइवेट पार्ट्स पर लातें मारीं नेहा बोरा ने केवल बसों की बनावट पर ही सवाल नहीं उठाए, बल्कि पुलिस बल के व्यवहार पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि हिरासत के दौरान पुरुष आंदोलनकारियों के साथ अमानवीय बर्ताव किया गया।
नेहा ने दावा किया कि पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवानों ने प्रदर्शनकारी युवाओं के प्राइवेट पार्ट्स पर लातें मारीं। साथ ही, उन पर जाति-धर्म और मां-बहन को लेकर भद्दी गालियां देने का भी आरोप लगाया गया है।
पुलिस का काम सुरक्षा, दलाली नहीं अपनी गिरफ्तारी को बर्बरता बताते हुए नेहा ने इसे देश के लोगों के खिलाफ युद्ध जैसा करार दिया। उन्होंने तीखे शब्दों में कहा कि पुलिस का काम नागरिकों की रक्षा करना है, न कि किसी विशेष व्यक्ति को बचाने के लिए दलाली करना।
उन्होंने ज्ञानेश कुमार का नाम लेते हुए उन पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि पूरी सरकारी मशीनरी और हिंसा का इस्तेमाल केवल एक व्यक्ति को बचाने के लिए किया जा रहा है।
पुलिस की मंशा पर सवाल नेहा बोरा का यह वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। उन्होंने सीधे तौर पर दिल्ली पुलिस और CRPF पर सवाल खड़े किए हैं कि क्या डिटेंशन बसों को पहले से ही जेल की तरह तैयार करने का कोई पूर्व-नियोजित उद्देश्य था? फिलहाल, इस मामले पर संबंधित अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
Are detention buses the new jails? pic.twitter.com/XFxcGxUVGg
— Neha (@neha_aisa) October 11, 2026
IND vs WI: इंदौर में टॉस की जंग हारी टीम इंडिया, प्लेइंग 11 में दो बड़े बदलाव
इमरजेंसी का वह खौफनाक दौर: जब इंदिरा के खिलाफ बोलने भर से हो जाती थी उम्रकैद
वडोदरा में सजा ऐक्यम का मंच: भारतीय और यूरोपीय कला का अद्भुत संगम, दिखी शाही विरासत की झलक
चलती एम्बुलेंस का दरवाजा खुला, सड़क पर आ गिरा स्ट्रेचर पर लेटा मरीज
न्यूजीलैंड में गूंजेगा 15 वर्षीय स्टार का नाम! वैभव सूर्यवंशी के खतरे पर लॉकी फर्ग्यूसन का बड़ा बयान
निर्णायक मुकाबले से पहले महाकाल की शरण में गौतम गंभीर, क्या इंदौर में पलटेगी बाजी?
विश्व बैंक का बड़ा फैसला: दक्षिण एशिया से बाहर हुआ पाकिस्तान, भारत से तुलना का अध्याय खत्म?
दादी के निधन पर फोन देने से मना, हिरासत से छूटते ही अभिजीत दिपके ने खोला दिल्ली पुलिस का काला चिट्ठा
सीजेपी प्रदर्शन: सुप्रीम कोर्ट सख्त, गृह मंत्रालय और दिल्ली पुलिस को थमाया कारण बताओ नोटिस
ऋतुराज गायकवाड़ के लिए खतरे की घंटी: लगातार फ्लॉप शो के बाद न्यूजीलैंड दौरे से बाहर होना तय!