नई दिल्ली। हाल ही में हुए सीजेपी (CJP) विरोध प्रदर्शन के दौरान जमीन पर स्थिति सामान्य रही, लेकिन इंटरनेट मीडिया पर भ्रामक सूचनाओं का सैलाब उमड़ पड़ा। दिल्ली पुलिस ने अब इन फेक वीडियो और भ्रामक पोस्ट के पीछे छिपी साजिश की गहन जांच शुरू कर दी है।
फेक वीडियो का जाल विरोध प्रदर्शन के दिन सोशल मीडिया पर पुराने और असंबद्ध वीडियो को 10 अक्टूबर की घटना बताकर प्रसारित किया गया। इनमें जुलाई में जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन और किसान आंदोलन के समय के पुराने वीडियो शामिल थे। कुछ फुटेज में 20 जुलाई की हिंसा को शनिवार की घटना के रूप में पेश किया गया, ताकि लोगों के बीच भ्रम और डर का माहौल बनाया जा सके।
दिल्ली पुलिस का फैक्ट चेक प्रहार सोशल मीडिया पर फैल रही अराजकता को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने मोर्चा संभाला है। पुलिस ने अपनी आधिकारिक हैंडल (X) पर कई वीडियो का खंडन करते हुए उनके पीछे का सच उजागर किया। पुलिस ने स्पष्ट किया कि, ऑनलाइन अराजकता और जमीन पर शांति के बीच का अंतर साफ देखा जा सकता है। अब तक 20 से अधिक ऐसे भ्रामक वीडियो की पहचान की जा चुकी है।
पाकिस्तानी लिंक की पड़ताल जांच एजेंसियां अब इस संवेदनशील पहलू की भी जांच कर रही हैं कि क्या इन फेक वीडियो को फैलाने के पीछे किसी पड़ोसी देश या सीमा पार से संचालित नेटवर्क का हाथ है। हालांकि, अभी तक किसी विदेशी कनेक्शन की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन पुलिस इस बात पर ध्यान केंद्रित कर रही है कि क्या यह किसी सुनियोजित अभियान का हिस्सा था।
नेटवर्क के पीछे की साजिश पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या अलग-अलग सोशल मीडिया हैंडल से एक जैसी सामग्री को साझा करने के पीछे कोई संगठित नेटवर्क सक्रिय है। जांच का उद्देश्य यह स्पष्ट करना है कि इन वीडियो को वायरल करने के पीछे निहित मंशा क्या थी और इसके पीछे कौन से तत्व जुड़े हैं।
आम जनता से अपील दिल्ली पुलिस ने नागरिकों को आगाह किया है कि वे सोशल मीडिया पर किसी भी संवेदनशील सामग्री पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। पुलिस ने अपील की है कि बिना पुष्टि किए किसी भी वीडियो या सूचना को आगे साझा न करें, क्योंकि यह न केवल भ्रम फैलाता है बल्कि सामाजिक सद्भाव को भी नुकसान पहुंचा सकता है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरी साजिश का खुलासा हो पाएगा।
Online chaos. On-ground calm. The difference is there for everyone to see..#DPUpdates#PublicSafetyMatters#FAKEvsREAL pic.twitter.com/IiTxqzjGUf
— Delhi Police (@DelhiPolice) October 10, 2026
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