महाराष्ट्र में कॉकोज जनता पार्टी (CJP) के कार्यकर्ताओं को मिले एक पुलिस नोटिस ने सियासी हलचल तेज कर दी है। आगामी 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर होने वाले आंदोलन के मद्देनजर, बल्लारपुर पुलिस ने कार्यकर्ताओं से उनके खर्च का ब्योरा मांगा है, जिस पर CJP प्रमुख अभिजीत दिपके ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।
नोटिस पर उठाए गंभीर सवाल बल्लारपुर पुलिस ने BNSS की धारा 168 के तहत नोटिस जारी कर कार्यकर्ताओं से पूछा है कि दिल्ली जाने के लिए उन्हें आर्थिक मदद कौन दे रहा है और आंदोलन का उद्देश्य क्या है। अभिजीत दिपके ने इस पर तंज कसते हुए कहा, क्या अब पुलिस का काम अपराध रोकना नहीं, बल्कि 1000-1500 रुपये के रेल टिकट का हिसाब मांगना रह गया है?
पुलिस की निष्पक्षता पर सवाल दिपके ने बताया कि उन्होंने हाल ही में मुंबई प्रदर्शन के दौरान महाराष्ट्र पुलिस के सहयोग की खुले दिल से सराहना की थी। लेकिन, इस नोटिस ने उन्हें निराश किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस अब राजनीतिक दबाव में काम कर रही है और कार्यकर्ताओं के संवैधानिक अधिकारों में हस्तक्षेप कर रही है।
आंदोलन में हिंसा की साजिश का आरोप पुलिस के नोटिस में दिल्ली आंदोलन को हिंसक होने की आशंका जताई गई है, साथ ही कार्यकर्ताओं को सोशल मीडिया पर पोस्ट डालने से मना किया गया है। दिपके ने इस दावे पर सवाल उठाते हुए पूछा, पुलिस को पहले ही कैसे पता कि आंदोलन हिंसक होगा? क्या बीजेपी ने जंतर-मंतर पर हिंसा भड़काने की साजिश पहले से रच रखी है?
मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) के इस्तीफे की मांग दिपके ने अपने आंदोलन के प्रमुख उद्देश्यों को दोहराया। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के तुरंत इस्तीफे और उनके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने की मांग की। साथ ही, उन्होंने वन नेशन, वन इलेक्शन को वन नेशन, वन पार्टी का एजेंडा बताते हुए चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति प्रक्रिया को स्वतंत्र बनाने की वकालत की।
गिरफ्तारी हुई तो जगह-जगह बनेगा जंतर-मंतर अभिजीत दिपके ने अपने समर्थकों को संदेश दिया कि यदि उन्हें गिरफ्तार किया जाता है, तो कार्यकर्ता घबराएं नहीं। उन्होंने कहा, जहां भी हों, वहां अहिंसक तरीके से धरना दें। हर जगह को जंतर-मंतर बना दें। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को याद दिलाया कि वे किसी राजनीतिक पार्टी के दबाव में नहीं, बल्कि डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर और छत्रपति शाहू महाराज जैसे महापुरुषों की विरासत और संविधान की रक्षा के लिए काम करें।
Chhatrapati Sambhajinagar, Maharashtra: CJP founder Abhijeet Dipke says, As you all know, over the past few days, I have been praising the Maharashtra Police for how they cooperated during our protest in Mumbai and did not use batons like the Delhi Police. But somewhere, I feel a little heartbroken today because, on one hand, we say that the Maharashtra Police is the best police force in the country because it is never as brutal as the Delhi Police and the way the Delhi Police beats children. But today, CJP volunteers received a notice asking how people from Chandrapur, Maharashtra, are travelling to Delhi and where the money for their travel is coming from. Do the police now need an account even for a train ticket costing Rs 1,000-1,500? Does the police have nothing else to do...
— IANS (@ians_india) October 6, 2026
दिल्ली कैपिटल्स का बड़ा दांव: सौरव गांगुली बने नए हेड कोच, दादागिरी से बदलेगी किस्मत?
दिल्ली में सियासी उबाल: चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्ष का मार्च, राहुल-प्रियंका समेत कई नेता हिरासत में
एशियाई खेलों की गोल्ड मेडलिस्ट बेटियों पर मेहरबान हिमाचल सरकार, मिलेगी 1-1 करोड़ की इनामी राशि
अयोध्या: जिला अस्पताल में मरीज को जमीन पर घसीटा, बेशर्मी का वीडियो वायरल होते ही मचा हड़कंप
वोटर लिस्ट विवाद पर दिल्ली में महा-संग्राम : बैरिकेड पर चढ़े राहुल-प्रियंका, चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्ष का हल्ला बोल
अखिलेश का भाजपा पर तीखा प्रहार: समाजवादी पसीना बहाने से नहीं डरते, बैरिकेडिंग से घबराई है सरकार
ड्रोन और सैटेलाइट के बीच की नई आसमानी आंख : भारत ने 21 किमी की ऊंचाई पर फहराया परचम
आसमान में मौत को दी मात: भारतीय पायलट स्मित मच्छार की बहादुरी के मुरीद हुए अमेरिकी सांसद
लोकतंत्र पर अदृश्य हमला : चुनाव आयोग के खिलाफ सड़क पर उतरे विपक्ष के 300 सांसद
कैमरे पर पत्नी को 12वीं पास कहकर नीचा दिखाने वाला डॉक्टर पति, सोशल मीडिया पर फूटा लोगों का गुस्सा