मध्य प्रदेश सरकार की बहुचर्चित लाड़ली बहना योजना को लेकर एक बड़ा सियासी विवाद खड़ा हो गया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव के एक हालिया बयान ने प्रदेश भर में यह चर्चा छेड़ दी है कि क्या सरकार इस योजना को बंद करने की तैयारी कर रही है।
क्या बोले मुख्यमंत्री मोहन यादव? राजधानी भोपाल में आयोजित बुंदेली समागम कार्यक्रम के दौरान, जब एक कंटेंट क्रिएटर ने बेटियों के लिए योजनाओं को लेकर सवाल पूछा, तो मुख्यमंत्री ने मजाकिया लहजे में कहा, तुमको मालूम नहीं है कि लाड़ली बहना भी बहुत महंगी पड़ रही है। मुझे जरा भी अंदाजा नहीं था कि मुख्यमंत्री बनने पर इतना भारी आर्थिक बोझ उठाना पड़ेगा। इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर अटकलों का बाजार गर्म हो गया है।
खजाने पर कितना है बोझ? वर्तमान में इस योजना के लाभार्थियों को प्रति माह 1,500 रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस योजना पर राज्य सरकार को सालाना लगभग 22,680 करोड़ रुपये का खर्च उठाना पड़ रहा है। योजना की शुरुआत 1,000 रुपये से हुई थी, जिसे धीरे-धीरे बढ़ाकर 1,500 रुपये किया गया है।
घटती जा रही है लाभार्थियों की संख्या हैरानी की बात यह है कि जहां एक ओर सरकार इस पर भारी खर्च का हवाला दे रही है, वहीं दूसरी ओर लाभार्थियों की संख्या में लगातार गिरावट देखी जा रही है। शुरुआती दौर में 1.31 करोड़ महिलाएं इस योजना से जुड़ी थीं, लेकिन अब यह आंकड़ा घटकर 1.25 करोड़ के करीब रह गया है।
नए रजिस्ट्रेशन पर सस्पेंस योजना से महिलाओं के बाहर होने का मुख्य कारण उम्र सीमा, मृत्यु या अन्य पात्रता शर्तों का पूरा न होना है। बड़ी बात यह है कि सरकार ने फिलहाल नए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया को बंद कर रखा है। विधानसभा में जब कांग्रेस विधायकों ने नए रजिस्ट्रेशन शुरू करने को लेकर सवाल किया, तो महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने स्पष्ट किया कि इसे फिर से शुरू करने की कोई समय-सीमा अभी तय नहीं है।
राजनीतिक भविष्य और वादे पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने चुनाव के दौरान इस राशि को चरणबद्ध तरीके से 3,000 रुपये तक पहुंचाने का वादा किया था। हालांकि, मुख्यमंत्री के महंगी पड़ने वाले बयान ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या सरकार अब इस वादे को पूरा करने में सक्षम है या वित्तीय दबाव के चलते भविष्य में योजना के स्वरूप में कोई बड़ा बदलाव किया जा सकता है। फिलहाल सरकार की ओर से अधिकारिक तौर पर योजना बंद करने की कोई घोषणा नहीं हुई है, लेकिन बंद होते रजिस्ट्रेशन लोगों की चिंता का कारण जरूर बने हुए हैं।
*बुंदेली समागम में बोले मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव लाडली बहना बहुत महंगी पड़ गई , सवाल था बिन्नू का @bundelibauchhar का आयोजन pic.twitter.com/sXjvEBB9uh
— Anurag Dwary (@Anurag_Dwary) October 5, 2026
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