ब्रह्मांड के रहस्यों को खोलने वाले फ्रांसिस हैल्ज़ेन को भौतिकी का नोबेल
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यूनिवर्सिटी ऑफ विस्कॉन्सिन-मैडिसन के प्रोफेसर फ्रांसिस हैल्ज़ेन को 2026 के भौतिकी नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंसेज ने उन्हें आइसक्यूब न्यूट्रिनो ऑब्ज़र्वेटरी में उनके अभूतपूर्व योगदान और हाई-एनर्जी न्यूट्रिनो की खोज के लिए यह सम्मान देने का फैसला किया है।

न्यूट्रिनो: ब्रह्मांड का अदृश्य संदेशवाहक

न्यूट्रिनो हर जगह मौजूद हैं। ये कण धरती और हमारे शरीर के आर-पार बिना किसी हलचल के निकल जाते हैं। ये बहुत कम ही किसी एटम के न्यूक्लियस से टकराते हैं, जिससे इन्हें पकड़ना बेहद मुश्किल होता है। हालांकि, ये कण बिना अपनी दिशा बदले लंबी यात्रा तय कर सकते हैं, जिससे ये ब्रह्मांड के उन सुदूर कोनों की जानकारी ला सकते हैं जहाँ तक पहुंचना असंभव है।

साउथ पोल की बर्फ का अनोखा इस्तेमाल

फ्रांसिस हैल्ज़ेन ने 1988 में एक साहसी विचार पेश किया था: साउथ पोल की गहरी और साफ बर्फ का इस्तेमाल न्यूट्रिनो पकड़ने के लिए करना। इस विचार ने आइसक्यूब न्यूट्रिनो ऑब्ज़र्वेटरी को जन्म दिया। यह एक विशाल बर्फीला इलाका है जिसमें लगे आधुनिक लाइट सेंसर किसी न्यूट्रिनो की टक्कर से पैदा होने वाली चमक को ट्रैक करते हैं।

एक अरब घन मीटर की प्रयोगशाला

आइसक्यूब एक क्यूबिक किलोमीटर के दायरे में फैला है, जो 2011 में बनकर तैयार हुआ। वैज्ञानिक लंबे समय से जानते थे कि ब्रह्मांड में नेचुरल पार्टिकल एक्सेलेरेटर मौजूद हैं, जो धरती की प्रयोगशालाओं से 10 लाख गुना अधिक ऊर्जा पैदा करते हैं। आइसक्यूब के जरिए शोधकर्ताओं ने सौर मंडल के बाहर से आने वाले हाई-एनर्जी न्यूट्रिनो को पकड़कर एक नई खगोल विज्ञान की नींव रखी है।

एक नई विज्ञान क्रांति की शुरुआत

नोबेल समिति के अध्यक्ष मार्क पियर्स ने कहा कि हैल्ज़ेन ने दुनिया को एक शानदार उपकरण दिया है। उनकी वैज्ञानिक दृष्टि ने ऐसी खगोलीय घटनाओं को देखने का रास्ता साफ किया है जो अब तक पूरी तरह रहस्यमयी थीं। आइसक्यूब लगातार डेटा जुटा रहा है, जिससे ब्रह्मांड की उन जबरदस्त स्थितियों को समझा जा सकेगा जिनमें ये शक्तिशाली कण पैदा होते हैं।

कितनी है पुरस्कार राशि?

भौतिकी के इस नोबेल पुरस्कार के साथ विजेता को 12 मिलियन स्वीडिश क्राउन (लगभग 1.2 मिलियन अमेरिकी डॉलर) की सम्मान राशि दी जाती है। यह पुरस्कार प्रतिवर्ष उन वैज्ञानिकों को दिया जाता है जिन्होंने भौतिकी के क्षेत्र में मानवता के लिए सबसे महत्वपूर्ण खोज या सुधार किया हो।

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