नई दिल्ली: चुनाव आयोग (ECI) ने विपक्षी दलों के इंडिया (INDIA) ब्लॉक के सांसदों के साथ बैठक न हो पाने के मामले पर स्थिति स्पष्ट कर दी है। आयोग ने एक आधिकारिक प्रेस नोट जारी कर उन कारणों का खुलासा किया है, जिनकी वजह से मुख्य चुनाव आयुक्त और विपक्षी नेताओं की मुलाकात संभव नहीं हो सकी।
अपॉइंटमेंट की प्रक्रिया का हवाला आयोग के अनुसार, उसे 6 अक्टूबर को मीडिया रिपोर्ट्स के जरिए पता चला कि कुछ सांसद आयोग से मिलना चाहते हैं। शाम 4 बजे दिल्ली पुलिस ने सूचित किया कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ज्ञापन सौंपना चाहता है।
आयोग ने स्पष्ट किया कि 2025 में ही राजनीतिक दलों के साथ बैठक की एक प्रक्रिया तय की गई थी। इसके तहत किसी भी प्रतिनिधिमंडल को अधिकृत माध्यम से पहले से अपॉइंटमेंट लेना अनिवार्य है। इसी प्रक्रिया के तहत उनके अनुरोध पर विचार चल रहा था।
240 सांसदों का समूह और सुरक्षा प्रोटोकॉल चुनाव आयोग ने बताया कि शाम 4 बजे के बाद सूचना मिली कि संसद भवन एनेक्सी में करीब 240 सांसदों का समूह आयोग से मुलाकात करना चाहता है। ईसीआई ने इस अनुरोध को असामान्य करार दिया।
आयोग ने कहा कि उसकी आधिकारिक बैठकें हमेशा निर्धारित परिसर में ही होती हैं। ऐसे में संसद भवन के भीतर इतने बड़े समूह के साथ बैठक करना संभव नहीं था। यह सुरक्षा और प्रशासनिक प्रोटोकॉल के खिलाफ था।
प्रस्ताव ठुकराने का आरोप विवाद के बीच, चुनाव आयोग ने जानकारी दी कि उसने स्थिति को संभालने के लिए अपने एक वरिष्ठ अधिकारी को प्रतिनिधिमंडल के पास भेजने का प्रस्ताव दिया था, ताकि वे अपना ज्ञापन सौंप सकें। हालांकि, प्रदर्शन कर रहे विपक्षी सांसदों ने इस प्रस्ताव को स्वीकार करने से इनकार कर दिया।
आयोग ने पुनः दोहराया है कि सभी राजनीतिक दल आपसी सहमति से तय समय और तारीख पर शिष्टाचार के साथ बैठक का अनुरोध कर सकते हैं।
राजनीतिक घमासान जारी वहीं, दूसरी ओर बीजेपी ने विपक्षी गठबंधन पर निशाना साधा है। भाजपा प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने सवाल उठाया कि कांग्रेस और उनके सहयोगी बिना किसी ठोस आधार के चुनावी प्रक्रिया पर सवाल क्यों उठा रहे हैं। उन्होंने पूछा कि क्या कांग्रेस मृत और डुप्लिकेट वोटर के मुद्दे को उठाकर किसी खास एजेंडे पर काम कर रही है।
इस घटनाक्रम के दौरान दिल्ली में सियासी पारा काफी गर्म रहा, जहां राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत कई नेताओं को हिरासत में लिए जाने की खबरें भी सामने आईं। फिलहाल, सीईसी के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्ष का रुख सख्त बना हुआ है।
Election Commission of India Press Note
— Election Commission of India (@ECISVEEP) October 6, 2026
Date ️ — 6 October 2026
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