पटना: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा देशभर में हुए चुनावों को अवैध बताने पर बिहार सरकार के मंत्री और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM) के अध्यक्ष संतोष कुमार सुमन ने तीखा पलटवार किया है। उन्होंने खरगे के बयानों को राजनीति से प्रेरित और बेबुनियाद बताया है।
जनता के फैसले का अपमान गयाजी में पत्रकारों से बातचीत करते हुए संतोष सुमन ने कहा कि खरगे यह तय करने वाले कौन होते हैं कि कौन सा चुनाव वैध है और कौन सा नहीं। उन्होंने कहा, खरगे जी के लिए जिस राज्य में उनकी सरकार है, वहां सब लीगल है और जहां भाजपा या सहयोगी दलों की सरकार है, वहां सब इलीगल हो जाता है। यह दोहरा मापदंड है।
सुमन ने याद दिलाया कि चुनाव एक संवैधानिक प्रक्रिया के तहत होते हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग एक स्वायत्त और संवैधानिक संस्था है। देश में सरकारें जनता के मतों से बनती हैं, न कि किसी के व्यक्तिगत दावों से।
क्या था खरगे का बयान? गौरतलब है कि 3 अक्टूबर को कर्नाटक के कलबुर्गी में मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र और राज्य सरकारों पर सवाल उठाते हुए उन्हें अवैध करार दिया था। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के पदों पर रहने को लेकर भी सवाल उठाए थे। खरगे ने मांग की थी कि मौजूदा लोकसभा और विधानसभाओं को भंग कर बैलेट पेपर से दोबारा चुनाव कराए जाएं।
गया में कार्यकर्ता की हत्या पर सख्त रुख इस दौरान संतोष सुमन ने गया में अपने एक समर्थक की हत्या के मामले पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने स्वीकार किया कि समाज में कुछ अपराधी तत्व कानून का सम्मान नहीं करते, लेकिन सरकार पूरी तरह सतर्क है।
सुमन ने आश्वासन दिया कि अपराधियों की पहचान की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार ऐसे लोगों पर नकेल कसने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट का सहारा लेगी, ताकि दोषियों को जल्द से जल्द कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जा सके।
कानून-व्यवस्था पर सरकार का जोर मंत्री ने कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति नियंत्रण में है। छिटपुट घटनाओं को आधार बनाकर पूरे सिस्टम पर सवाल उठाना गलत है। सरकार हर नागरिक की सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्ध है और अपराधियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
*पटना, बिहार: मंत्री संतोष सुमन ने मल्लिकार्जुन खड़गे के बयान पर कहा, अब मल्लिकार्जुन खड़गे की सरकार जहां है, वहां सब लीगल हो गया और दूसरे जगह इलीगल हो गया। उनकी बात मैं क्या करूं, लेकिन हम समझते हैं कि संविधान के तहत और जो चुनाव आयोग है, संवैधानिक संस्था है। जनता ने वोट दिया है… pic.twitter.com/CbBxy981ZL
— IANS Hindi (@IANSKhabar) October 5, 2026
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