हरदोई: उत्तर प्रदेश में जैसे-जैसे विधानसभा चुनावों की आहट तेज हो रही है, नेताओं की जुबान का संतुलन बिगड़ने लगा है। ताजा मामला हरदोई के गोपामऊ क्षेत्र का है, जहां समाजवादी पार्टी के पीडीए सम्मेलन के दौरान पूर्व जिलाध्यक्ष शराफत अली ने भाजपा की जिला पंचायत अध्यक्ष प्रेमावती वर्मा पर बेहद आपत्तिजनक टिप्पणी की है।
क्या है पूरा मामला? सपा के पीडीए सम्मेलन को संबोधित करते हुए शराफत अली ने मंच से कहा कि यदि पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने आरक्षण में संशोधन न किया होता, तो प्रेमावती वर्मा आज कुर्सी पर नहीं, बल्कि किसी घाट पर कपड़े धो रही होतीं। उन्होंने यह टिप्पणी सीधे तौर पर प्रेमावती की जाति और उनके पुश्तैनी काम को निशाना बनाकर की।
प्रेमावती का तीखा पलटवार अनुसूचित जाति (धोबी समाज) से आने वाली जिला पंचायत अध्यक्ष प्रेमावती वर्मा ने इस बयान के बाद कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने सवाल किया, क्या मैं कपड़े धोने वाली लगती हूं? क्या धोबी समाज में जन्म लेना गुनाह है? मेरे माता-पिता ने मुझे इसलिए पढ़ाया-लिखाया था कि मैं समाज की सेवा करूं, न कि अपमान सहूं। उन्होंने इस बयान को दलित समाज का अपमान बताते हुए शराफत अली के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत कार्रवाई की मांग की है।
सड़कों पर उतरी भाजपा शराफत अली के इस बयान के बाद बीजेपी कार्यकर्ता आक्रामक हो गए हैं। भाजपा महिला मोर्चा और अन्य पदाधिकारियों ने नगर में विरोध प्रदर्शन किया और शराफत अली का पुतला फूंका। प्रदर्शनकारियों ने सपा नेता के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग करते हुए शराफत अली मुर्दाबाद के नारे लगाए।
बयान पर क्या बोले शराफत अली? विवाद बढ़ता देख शराफत अली ने अपनी सफाई पेश की है। उन्होंने अपने बचाव में कहा कि उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया गया है। उन्होंने दावा किया कि उनका उद्देश्य किसी का अपमान करना नहीं, बल्कि मुलायम सिंह यादव द्वारा लागू की गई आरक्षण व्यवस्था की सराहना करना था।
विवादों से पुराना नाता शराफत अली का विवादों से गहरा रिश्ता रहा है। इससे पहले भी वे अपनी ही पार्टी की पूर्व सांसद ऊषा वर्मा और पूर्व विधायक राजेश्वरी देवी को लेकर अपमानजनक टिप्पणियां कर चुके हैं। अपने पूर्व बयानों के कारण उन्हें पहले भी जिलाध्यक्ष पद से हाथ धोना पड़ा था। अब इस नए विवाद ने उनके राजनीतिक करियर पर फिर से सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।
*प्रेमावती पीके वर्मा पर कथित टिप्पणी को लेकर विवाद बढ़ने के बाद शराफत अली ने सफाई दी है। उन्होंने कहा कि उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया गया और उनका उद्देश्य मुलायम सिंह यादव की आरक्षण व्यवस्था की तारीफ करना था। #SharafatAli#PremavatiVerma#ReservationRow#NavbharatLivepic.twitter.com/pl2R7jpefH
— NavBharat Live (@TheNavbharatliv) October 1, 2026
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