दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने एक बार फिर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के आंदोलन को लेकर अपनी राय रखी है। केजरीवाल ने सीजेपी को सलाह दी है कि वे छोटे मोहरों के बजाय सीधे सरकार के मुखिया को निशाना बनाएं।
क्या है केजरीवाल का सुझाव? केजरीवाल का मानना है कि ज्ञानेश कुमार (चुनाव आयुक्त) के इस्तीफे की मांग करना समय की बर्बादी है। एक टीवी इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि जो कुछ भी हुआ, वह बॉस के कहने पर हुआ है। इसलिए आंदोलन ज्ञानेश कुमार के लिए नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस्तीफे के लिए होना चाहिए।
बार-बार जंतर-मंतर जाने का तुक नहीं पूर्व मुख्यमंत्री ने तीखे लहजे में कहा कि लोग बार-बार जंतर-मंतर पर आंदोलन करने नहीं जा सकते। उन्होंने याद दिलाया कि सीजेपी पहले धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के लिए आंदोलन कर चुकी है और अब ज्ञानेश कुमार के लिए कर रही है। उन्होंने कहा कि सीधे तौर पर जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।
सीजेपी की चुप्पी और केजरीवाल की स्पेशल अपील केजरीवाल के बयान के 48 घंटे बीत जाने के बाद भी सीजेपी के प्रमुख अभिजीत दीपके, सौरभ दास या आशुतोष रांका की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। इसके बाद केजरीवाल ने सोशल मीडिया पर अपने इंटरव्यू का क्लिप साझा करते हुए इसे अपनी स्पेशल अपील बताया और सीजेपी के काम की सराहना भी की।
2 अक्टूबर के आंदोलन पर टिकी नजरें सीजेपी ने 2 अक्टूबर को मुंबई के शिवाजी मैदान में विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया है। हालांकि, अभी तक पुलिस से इसे अनुमति नहीं मिली है। अब सवाल यह है कि क्या केजरीवाल के इस दबाव के बाद सीजेपी अपना एजेंडा बदलेगी और ज्ञानेश कुमार के बजाय सीधे प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग को अपने आंदोलन का मुख्य बिंदु बनाएगी?
यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या सीजेपी अपने पुराने बॉस अरविंद केजरीवाल के इस सुझाव को स्वीकार करती है या अपने मौजूदा एजेंडे पर ही कायम रहती है।
Arvind ji s message for all cockroaches.@ArvindKejriwal pic.twitter.com/x2yKXPQjqu
— AAP Chhattisgarh (@AAPChhattisgarh) September 30, 2026
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