उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के लिए जारी नामांकन प्रक्रिया के बीच एक तस्वीर ने राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी है। समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी धनराज परिमल नथवानी के नामांकन के दौरान सामने आई एक तस्वीर में सपा प्रमुख अखिलेश यादव के साथ योगी सरकार के कैबिनेट मंत्री राकेश सचान भी नजर आए। इस मुलाकात ने बीजेपी के भीतर संभावित क्रॉस वोटिंग और बदलते समीकरणों को लेकर अटकलों का बाजार गर्म कर दिया है।
नामांकन के बाद बढ़ीं चर्चाएं सपा ने इस बार वरिष्ठ नेता प्रोफेसर रामगोपाल यादव के साथ उद्योगपति धनराज परिमल नथवानी को अपना उम्मीदवार बनाया है। नामांकन के बाद जब सपा नेताओं का प्रतिनिधिमंडल विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना से मिलने पहुंचा, तो वहां मंत्री राकेश सचान की उपस्थिति ने सबको चौंका दिया। सोशल मीडिया पर वायरल हुई इस तस्वीर के बाद सवाल उठने लगे हैं कि क्या एक बीजेपी मंत्री की सपा उम्मीदवार के साथ मौजूदगी किसी बड़े राजनीतिक उलटफेर का संकेत है?
राकेश सचान का राजनीतिक अतीत और कयास राकेश सचान का राजनीतिक सफर इस चर्चा को और दिलचस्प बनाता है। सचान का पुराना नाता समाजवादी पार्टी से रहा है, जहाँ वे विधायक और सांसद भी रह चुके हैं। सपा से कांग्रेस और फिर बीजेपी में आए सचान फिलहाल योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं। उनके पुराने संबंधों के कारण इस मुलाकात को लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। साथ ही, हाल ही में उनके विभाग में हुए बदलाव को लेकर भी चर्चाएं हैं कि क्या वे पार्टी नेतृत्व से नाराज हैं?
ओबीसी राजनीति का अहम चेहरा राकेश सचान न केवल एक मंत्री हैं, बल्कि वे कानपुर और मध्य यूपी में कुर्मी समुदाय के एक प्रभावशाली नेता भी हैं। उत्तर प्रदेश की राजनीति में गैर-यादव ओबीसी वोट बैंक को साधने की होड़ में सचान जैसे नेताओं की हर गतिविधि पर सभी दलों की नजर रहती है। विश्लेषकों का मानना है कि इसे केवल राज्यसभा चुनाव तक सीमित नहीं देखा जा सकता, बल्कि यह भविष्य के नए राजनीतिक गठजोड़ का हिस्सा भी हो सकता है।
क्या क्रॉस वोटिंग संभव है? राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग की संभावना तभी प्रभावी होती है जब मुकाबला बेहद कांटे का हो। धनराज नथवानी की उम्मीदवारी के बाद चुनावी गणित में नया मोड़ आया है, जिसके चलते पार्टियां अपने विधायकों को एकजुट रखने की कोशिश कर रही हैं। हालांकि, सिर्फ एक तस्वीर के आधार पर यह दावा करना कि कोई नेता पाला बदल रहा है, जल्दबाजी होगी।
अभी सवालों के जवाब बाकी फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि सचान की सपा नेताओं से मुलाकात महज एक शिष्टाचार भेंट थी या इसके पीछे कोई गुप्त राजनीतिक एजेंडा है। असल स्थिति तो मतदान के दिन ही साफ हो पाएगी। फिलहाल, इस तस्वीर ने न केवल राज्यसभा चुनाव की चर्चाओं को नई धार दी है, बल्कि यूपी की सियासत में तमाम अटकलों को जन्म दे दिया है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या यह तस्वीर केवल एक संयोग है या किसी बड़े सियासी बदलाव की आहट।
*योगी आदित्यनाथ के कैबिनेट मंत्री राकेश सचान मिलने पहुंचे माननीय अखिलेश यादव जी से। pic.twitter.com/KvFaZtQNao
— मनोज यादव (@Manoj_Yadav_) September 30, 2026
INDIA गठबंधन पर बीजेपी का तीखा हमला: संजय सरावगी बोले- यह केवल स्वार्थ का मेल
राज्यसभा चुनाव के बीच अखिलेश-सचान की तस्वीर से गरमाई यूपी की सियासत
एशियन गेम्स: 24 में से 22 परफेक्ट ‘10’, भारतीय तीरंदाज बेटियों ने चीन को हराकर रचा इतिहास
UNESCO की अस्थायी सूची में भारत का जलवा: मध्य प्रदेश की गुफाओं से लेकर सत्याग्रह तक, 5 नए धरोहर स्थल शामिल
पटना में खौफनाक वारदात: बीच सड़क प्रेमिका पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला, तमाशबीन बनी रही भीड़
दिल्ली में महिलाओं की सुरक्षा पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का कड़ा रुख: लड़कियों को नहीं, अब लड़कों को सिखाने का वक्त
दिल्ली में INDIA ब्लॉक की हुंकार: चुनाव आयोग और वोटर लिस्ट पर घेराबंदी की तैयारी
राहुल गांधी की आतंकी कसाब से तुलना: रिटायर्ड वायुसेना अधिकारी के खिलाफ कांग्रेस का एक्शन
अरब सागर में बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक: 3,000 करोड़ की ड्रग्स के साथ 5 पाकिस्तानी गिरफ्तार
अजीत अगरकर की विदाई तय, प्रज्ञान ओझा संभालेंगे टीम इंडिया के चीफ सिलेक्टर की कमान?