पंजाब के फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) में जारी विरोध प्रदर्शन और हिंसा के बीच छात्राओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो ने विश्वविद्यालय प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है।
कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके द्वारा साझा किए गए वीडियो में एक छात्रा आरोप लगा रही है कि कैंपस में हंगामे के दौरान कुछ लड़के हाथों में चाकू लेकर लड़कियों के हॉस्टल में घुस आए थे। छात्रा के अनुसार, सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो गई थी और सभी छात्राओं को खुद को कमरों में बंद रखने के लिए मजबूर होना पड़ा। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।
अभिजीत दिपके ने इस मामले पर कड़े सवाल उठाए हैं। उन्होंने पूछा कि कड़ी सुरक्षा के बावजूद बाहरी तत्व विश्वविद्यालय के भीतर तक कैसे पहुंच गए? दिपके ने कहा कि कई छात्राओं ने उन्हें संदेश भेजकर अपनी असुरक्षा जाहिर की है। उन्होंने पंजाब पुलिस से मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो क्योंकि छात्रों की सुरक्षा से समझौता नहीं किया जा सकता।
सोशल मीडिया पर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए दिपके ने लिखा, विश्वविद्यालय का कैंपस महिलाओं के लिए सबसे सुरक्षित स्थान होना चाहिए। अगर छात्राएं अपने हॉस्टल में भी डर के साये में जी रही हैं, तो यह एक गंभीर समस्या है। साल 2026 में महिलाओं को अपनी बुनियादी सुरक्षा के लिए प्रदर्शन या अपील नहीं करनी पड़नी चाहिए।
LPU में विरोध की चिंगारी शनिवार को एक कथित रेप और छात्र की आत्महत्या की खबर के बाद भड़की थी। रविवार तक यह प्रदर्शन हिंसक हो गया, जिसमें पुलिस की गाड़ियों में तोड़फोड़, इमारतों में आगजनी और बम जैसी आवाजें सुनाई देने की खबरें आईं। हालांकि, विश्वविद्यालय प्रशासन ने कथित रेप के दावों को सिरे से खारिज किया है।
हालात को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने अगले 10 दिनों के लिए कक्षाएं और मिड-टर्म परीक्षाएं रद्द कर दी हैं। कैंपस में भारी पुलिस बल तैनात है। छात्रों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने कमरों में ही रहें और अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें।
हिंसा के बाद बड़ी संख्या में छात्र कैंपस छोड़कर अपने घर चले गए हैं। अब सबकी निगाहें पुलिस की जांच पर हैं कि आखिर कैंपस के भीतर अराजकता फैलाने वाले ये लोग कौन थे और सुरक्षा में इतनी बड़ी चूक कैसे हुई।
A university campus should be one of the safest places for a woman. If women don’t feel safe even inside their hostels, we have a serious problem.
— Abhijeet Dipke (@abhijeet_dipke) September 28, 2026
It’s 2026. Women should not have to protest, plead or fight for something as basic as their safety. pic.twitter.com/52NZR814s1
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