बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने लखनऊ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सीधे तौर पर केंद्र सरकार और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर संदेह जताया है।
EVM पर पुरानी बहस और भाजपा का दोहरा रवैया मायावती ने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल के दौरान भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने सबसे पहले ईवीएम में गड़बड़ी के आरोप लगाए थे। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सत्ता में आने के बाद भाजपा का इस व्यवस्था को जारी रखना विरोधाभासी है। उन्होंने जोर दिया कि लोकतंत्र में मतदाता के मन में अपने वोट की सुरक्षा को लेकर कोई संशय नहीं होना चाहिए।
नगीना सीट और चंद्रशेखर आजाद पर निशाना बसपा प्रमुख ने पहली बार सीधे तौर पर नगीना लोकसभा सीट का जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि नगीना में बीजेपी ने सुनियोजित तरीके से ईवीएम में धांधली कर आजाद समाज पार्टी के प्रत्याशी (चंद्रशेखर आजाद) को जीत दिलाने में मदद की। मायावती का दावा है कि इसका एकमात्र उद्देश्य बसपा के कैडर वोट बैंक को कमजोर करना था।
नाटकिया राजनीति से सावधान रहने की चेतावनी मायावती ने दलित युवाओं को आगाह करते हुए कहा कि कुछ नेता केवल प्रदर्शनों का नाटक करते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे नेता पीड़ितों को न्याय दिलाने के बजाय धरना-प्रदर्शनों में युवाओं को आगे कर देते हैं, जिससे उन पर गंभीर मुकदमे दर्ज होते हैं और उनका भविष्य बर्बाद हो जाता है। उन्होंने कहा कि यह राजनीति समाधान के बजाय समस्या को और उलझाने वाली है।
VVPAT की निष्पक्षता पर सवाल सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर लागू किए गए VVPAT सिस्टम को भी मायावती ने नाकाफी बताया। उन्होंने कहा कि जब तक सभी पर्चियों का ईवीएम वोटों से शत-प्रतिशत मिलान नहीं होगा, तब तक पारदर्शिता का दावा खोखला है। उन्होंने दोहराया कि कोई भी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस रिमोटली हैक की जा सकती है, इसलिए बैलेट पेपर से चुनाव ही एकमात्र भरोसेमंद रास्ता है।
बहुजन एकजुटता की कोशिश आने वाले विधानसभा चुनावों के मद्देनजर मायावती का यह रुख बेहद महत्वपूर्ण है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में गिरते जनाधार को देखते हुए बसपा प्रमुख ने न केवल तकनीकी रूप से ईवीएम पर हमला बोला है, बल्कि अपने पारंपरिक वोट बैंक को यह समझाने की कोशिश की है कि वैकल्पिक राजनीति के नाम पर उन्हें गुमराह किया जा रहा है।
*#WATCH | Lucknow, UP: BSP Chief Mayawati says, BSP has openly opposed voting via EVMs from the very beginning. This is because the BSP champions the interests of the country s downtrodden, uneducated, and semi-literate sections... These people believe that due to EVM rigging,… https://t.co/iHnteEpBtI pic.twitter.com/zYfFPOF1vG
— ANI (@ANI) September 28, 2026
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