नेपाल में लगातार हो रही भारी बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में हो रही भीषण बर्फबारी से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। कुदरत की इस मार से न केवल पर्वतीय इलाके, बल्कि मैदानी क्षेत्र भी बुरी तरह प्रभावित हैं।
हिमलुंग हिमाल में हिमस्खलन, 10 पर्वतारोही लापता पश्चिमी नेपाल के मनांग जिले में 7,126 मीटर ऊंचे हिमलुंग हिमाल के बेस कैंप पर रविवार सुबह हिमस्खलन हुआ। इस हादसे में कम से कम 10 लोगों के लापता होने की खबर है। लापता लोगों में अलग-अलग पर्वतारोहण अभियानों के सदस्य शामिल हैं। अभियान आयोजक मिंगमा ग्यालजे शेरपा के अनुसार, उनके किचन स्टाफ के दो सदस्य भी इसमें शामिल हैं। हालांकि, खराब मौसम की चेतावनी के बाद ज्यादातर टीमें नीचे आ गई थीं, लेकिन कुछ लोग बेस कैंप पर ही रुक गए थे।
मैदानी इलाकों में नदियों का रौद्र रूप भारी बारिश का असर अब मैदानी जिलों में भी साफ दिख रहा है। रुपन्देही जिले में तिनाऊ नदी खतरे के निशान को पार कर गई है, जिससे बुटवल के पास शनिवार रात 6 घर बह गए और करीब 200 घरों पर खतरा मंडरा रहा है। प्रशासन ने रेस्क्यू अभियान चलाकर लगभग 1,000 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है।
वहीं, चितवन में नारायणी और रिउ नदियों का जलस्तर भी खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है। देवघाट गेज पर नारायणी नदी 9.23 मीटर के स्तर पर बह रही है, जबकि खतरे का स्तर 9 मीटर है।
कर्णाली क्षेत्र में ठप पड़ा यातायात कर्णाली प्रांत के कई जिलों में नदियों का जलस्तर बढ़ने से जनजीवन पूरी तरह प्रभावित है। थुली भेरी नदी का बढ़ता जलस्तर चिंता का विषय बना हुआ है। भारी बारिश और भूस्खलन के कारण मुगु की नाग्ना-गमगढी सड़क, कालिकोट में कर्णाली हाईवे और हुमला में कर्णाली कॉरिडोर के कई हिस्से पूरी तरह बाधित हो गए हैं। कई जगहों पर सड़क संपर्क टूट गया है।
अगस्त की तबाही के जख्म अभी ताज़ा नेपाल अभी अगस्त में आई भीषण बाढ़ और फ्लैश फ्लड के जख्मों से उबर ही रहा था कि एक बार फिर उसे नई आपदा का सामना करना पड़ रहा है। 26 अगस्त को नेपाल-तिब्बत सीमा पर आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई थी, जिसके कई शवों की पहचान आज भी नहीं हो सकी है। पहचान के लिए अब नेपाल पुलिस डीएनए प्रोफाइलिंग की मदद ले रही है।
मौजूदा स्थिति में बचाव कार्य चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। प्रशासन ने लोगों को नदी किनारे और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की सख्त चेतावनी दी है।
🚨#NEPAL : Heavy flooding has been reported in the Narayani River in Chitwan after continuous rainfall, with the river crossing the danger level. Setibeni in Syangja, Gulmi and Parbat is also inundated, with bridges reportedly swept away.#Flood pic.twitter.com/rSTZulOOLg
— SilentFrame (@SilentFrameM) September 27, 2026
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