देश की सर्वोच्च चुनावी संस्था, भारत निर्वाचन आयोग, इस समय एक बड़े राजनीतिक संकट के दौर से गुजर रही है। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष के हमलों के बीच, अब एनडीए गठबंधन के भीतर से भी तीखी आवाजें उठनी शुरू हो गई हैं। स्थिति इतनी गंभीर है कि सहयोगी दल अब आयोग की कार्यप्रणाली और पारदर्शिता पर सवाल उठा रहे हैं।
केंद्रीय मंत्री और एलजेपी (राम विलास) के प्रमुख चिराग पासवान ने बेहद सख्त रुख अख्तियार किया है। पासवान का कहना है कि चुनावी निष्पक्षता पर उठ रहे सवालों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि यह मुख्य चुनाव आयुक्त की नैतिक जिम्मेदारी है कि वे किसी दल या नेता के सामने नहीं, बल्कि सीधे देश की जनता के सामने आकर स्थिति स्पष्ट करें। उनके अनुसार, लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए पारदर्शिता अनिवार्य है।
राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा ने भी सोशल मीडिया के जरिए अपनी नाराजगी जाहिर की है। कुशवाहा ने स्पष्ट किया कि हालिया विवादों और एसआईआर (SIR) से जुड़े मुद्दों के कारण मतदाताओं के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है। उन्होंने आयोग से मांग की कि किसी भी तरह के कन्फ्यूजन को दूर करने के लिए चुनाव आयोग को अविलंब आगे आकर सच्चाई सामने रखनी चाहिए, ताकि जनता का भरोसा कायम रहे।
इस पूरे घटनाक्रम में सबसे चौंकाने वाला और आपत्तिजनक रुख वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी का रहा। उन्होंने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए बेहद हिंसक भाषा का प्रयोग किया। सहनी ने कहा कि यदि उन्हें एक खून माफ होता, तो वे मुख्य चुनाव आयुक्त को गोली मार देते। इस बयान के बाद सियासी गलियारों में भूचाल आ गया है। एनडीए के नेताओं ने इसे लोकतंत्र की मर्यादा के खिलाफ और आपराधिक सोच वाला बयान करार दिया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनाव आयोग के भीतर आयुक्तों के बीच कथित मतभेदों की खबरें सामने आने से संस्था की विश्वसनीयता पर असर पड़ा है। विपक्ष जहां महाभियोग तक की बात कर रहा है, वहीं सत्ताधारी गठबंधन के सहयोगियों का मुखर होना यह दर्शाता है कि विवाद अब सिर्फ विपक्ष तक सीमित नहीं रहा। फिलहाल, सबकी निगाहें चुनाव आयोग के अगले कदम पर टिकी हैं कि क्या वे इस बढ़ते दबाव के बीच कोई आधिकारिक सफाई देंगे।
प्रश्न: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मौजूदा विवाद की मुख्य वजह क्या है? उत्तर: चुनाव आयोग के भीतर शीर्ष स्तर पर मतभेदों की खबरें सामने आने और एसआईआर जैसे मुद्दों पर जनता के बीच भ्रम की स्थिति पैदा होने के कारण विवाद गरमाया है।
प्रश्न: मुकेश सहनी ने मुख्य चुनाव आयुक्त को लेकर क्या विवादित टिप्पणी की थी? उत्तर: वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी ने विवादित बयान देते हुए कहा था कि यदि उन्हें एक खून माफ होता, तो वह मुख्य चुनाव आयुक्त को गोली मार देते।
प्रश्न: एनडीए के नेताओं ने मुकेश सहनी के बयान पर क्या प्रतिक्रिया दी है? उत्तर: एनडीए ने इसे समाज में हिंसा भड़काने और लोकतंत्र को धमकाने वाला शर्मनाक कृत्य बताया है, तथा उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
प्रश्न: केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने चुनाव आयोग से क्या अपेक्षा जताई है? उत्तर: चिराग पासवान ने कहा है कि चुनाव आयोग पर उठ रहे सवालों के बीच मुख्य चुनाव आयुक्त को खुद आगे आकर जनता के सामने स्पष्टीकरण देना चाहिए।
प्रश्न: उपेंद्र कुशवाहा ने मौजूदा हालात पर क्या चिंता व्यक्त की है? उत्तर: उपेंद्र कुशवाहा ने कहा है कि हालिया विवादों के कारण जनता में कन्फ्यूजन फैला है, जिसे दूर करने के लिए चुनाव आयोग को तुरंत स्थिति साफ करनी चाहिए।
Patna, Bihar: On Opposition parties preparing to bring an impeachment motion against CEC Gyanesh Kumar, Union Minister Chirag Paswan says, “In a country like India, this is certainly a matter of concern. The Election Commission has the responsibility of strengthening democracy… pic.twitter.com/LFDJF7Tqc0
— IANS (@ians_india) September 25, 2026
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