SIR पर कांग्रेस का दोहरा रुख: केरल में क्रांतिकारी तो महाराष्ट्र में लोकतंत्र के लिए खतरा ?
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दोहरे मापदंडों में घिरे रमेश चेन्निथला महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2024 में कांग्रेस की करारी हार के बाद पार्टी के वरिष्ठ नेता और महाराष्ट्र प्रभारी रमेश चेन्निथला ने चुनाव आयोग (EC) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है। हालांकि, केरल में वही स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया, जिसे वह वहां सही ठहरा चुके हैं, अब महाराष्ट्र में उन्हें चुनावी धांधली का जरिया लग रही है।

क्या है कांग्रेस का विरोधाभास? रमेश चेन्निथला ने महाराष्ट्र चुनाव में हार का ठीकरा चुनाव आयोग पर फोड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि आयोग की भूमिका के कारण कांग्रेस और उसके सहयोगियों को नुकसान हुआ। वहीं, जब उनसे केरल में लागू SIR प्रक्रिया पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने इसे फर्जी वोट हटाने वाली एक बेहतरीन प्रक्रिया बताया। उनका कहना है कि केरल में उनके कार्यकर्ता सतर्क थे, इसलिए वहां सब ठीक रहा। बीजेपी ने इस बयान को कांग्रेस के दोहरे चरित्र का सबूत बताते हुए करारा हमला बोला है।

बीजेपी का तीखा प्रहार: हारने पर सिस्टम को दोष देना पुरानी आदत बीजेपी नेता सीआर केसवन ने चेन्निथला के 4 मई 2026 के पुराने बयानों का हवाला देते हुए पूछा कि एक ही प्रक्रिया दो राज्यों में अलग कैसे हो सकती है? केसवन ने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस उस खिलाड़ी की तरह है जो जीत मिलने पर व्यवस्था की तारीफ करती है, लेकिन हारते ही ईवीएम या चुनाव प्रक्रिया को लोकतंत्र के लिए खतरा बताने लगती है।

उद्धव ठाकरे की बैलेट पेपर की मांग विवाद में कूदते हुए शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने भी चुनाव आयोग पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र चुनाव से ठीक पहले 40 लाख वोटरों के नाम जोड़ना और फिर हटाना संदेह पैदा करता है। ठाकरे ने मांग की कि अपनी निष्पक्षता साबित करने के लिए आयोग को महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और कर्नाटक में बैलेट पेपर के जरिए दोबारा चुनाव कराने चाहिए।

चुनाव आयोग के अंदरूनी मतभेद पर भी सवाल विवाद की जड़ों में मीडिया रिपोर्ट्स हैं, जिनमें दावा किया गया है कि दो चुनाव आयुक्तों ने पिछले 10 महीनों में आयोग के कुछ फैसलों पर कम से कम 14 बार आपत्तियां दर्ज कराई थीं। हालांकि, चुनाव आयोग ने इन खबरों को खारिज करते हुए कहा कि ये आंतरिक प्रशासनिक फीडबैक का हिस्सा हैं और SIR से जुड़े सभी फैसले सर्वसम्मति से लिए गए थे।

महाराष्ट्र चुनाव के नतीजे और राजनीतिक तपिश 2024 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में 288 सीटों में से महायुति गठबंधन ने 234 सीटों पर ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी। बीजेपी को अकेले 132 सीटें मिलीं। एक तरफ महा विकास अघाड़ी का प्रदर्शन कमजोर रहा, तो दूसरी तरफ अब चुनाव आयोग की विश्वसनीयता पर उठे ये सवाल देश की सियासत में एक नया भूचाल लेकर आए हैं। कांग्रेस और विपक्ष के इस हमले से चुनाव आयोग की संवैधानिक गरिमा पर एक बार फिर बहस छिड़ गई है।

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