पाकिस्तान के लिए अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) से मिलने वाला कर्ज अब केवल वित्तीय मदद नहीं, बल्कि देश की पूरी कानूनी व्यवस्था को बदलने की शर्त बन गया है। $8.4 अरब डॉलर के बेलआउट पैकेज को पाने के लिए शहबाज सरकार को अपनी नीतियों और कानूनों में बड़े बदलाव करने होंगे।
174 कानूनों में संशोधन की मजबूरी पाकिस्तान के वित्त सचिव इमदादुल्लाह बोसल ने नेशनल असेंबली की वित्त समिति के सामने खुलासा किया कि IMF ने 174 कानूनों में संशोधन की मांग रखी है। ये बदलाव वित्तीय क्षेत्र, सरकारी स्वामित्व वाली कंपनियों, विदेशी मुद्रा, जलवायु परिवर्तन और टैक्स प्रणाली को दुरुस्त करने के लिए अनिवार्य हैं। शहबाज सरकार के लिए संसद से इन कठिन सुधारों को पास कराना एक बड़ी चुनौती है, लेकिन आर्थिक बदहाली के कारण उनके पास कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा है।
किन क्षेत्रों में होगा बड़ा बदलाव? IMF ने जो शर्तें रखी हैं, उनमें टैक्स और राजस्व प्रणाली में सुधार, ऊर्जा क्षेत्र का कायापलट, सरकारी कंपनियों का निजीकरण, चीनी नीति, बैंकिंग सेक्टर की पारदर्शिता और विदेशी प्रेषण (Remittance) से जुड़े नियम शामिल हैं। सरकार पहले ही टैक्स छूट खत्म करने और अनुदानों पर रोक जैसे कदम उठा चुकी है, लेकिन अब ये बदलाव कानून का रूप लेंगे।
अब तक कितना मिला और आगे क्या? IMF के साथ चल रहे कार्यक्रमों के तहत अब तक पाकिस्तान को लगभग 4.1 से 4.8 अरब डॉलर मिल चुके हैं। हालांकि, हर नई किस्त के लिए कड़ी समीक्षा का सामना करना पड़ता है। 28 सितंबर से शुरू होने वाली अगली समीक्षा वार्ता से पहले इन 174 संशोधनों को संसद में पेश करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
क्यों सख्त है IMF? IMF का स्पष्ट रुख है कि पाकिस्तान को अपना वित्तीय घाटा कम करना होगा और अर्थव्यवस्था में पारदर्शिता लानी होगी। सरकारी कंपनियों में सुधार और ऊर्जा क्षेत्र की लागत को नियंत्रित करना उनकी मुख्य प्राथमिकताओं में है। बिना इन संरचनात्मक सुधारों के पाकिस्तान को आर्थिक स्थिरता मिलना नामुमकिन है।
न्यूयॉर्क में पीएम और IMF प्रमुख की मुलाकात न्यूयॉर्क में 81वीं संयुक्त राष्ट्र महासभा के मौके पर प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने IMF प्रबंध निदेशक क्रिस्टालिना जॉर्जीवा से मुलाकात की। पीएम ने पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को संभालने में IMF के सहयोग की सराहना की और इसे देश के लिए जीवनदान बताया। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय मंचों पर मिली इस प्रशंसा के पीछे देश के भीतर बड़े और कड़े विधायी बदलावों का लंबा सफर तय करना बाकी है।
Prime Minister Muhammad Shehbaz Sharif met with Managing Director of the International Monetary Fund (IMF) Kristalina Georgieva on the sidelines of the 81st United Nations General Assembly in New York.
— Prime Minister s Office (@PakPMO) September 23, 2026
The Prime Minister appreciated the IMF’s continued support for Pakistan s… pic.twitter.com/hby3FfKdoI
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