एशियाई खेलों में भारत का दबदबा: कबड्डी में जीता गोल्ड, खिलाड़ियों ने देश को किया समर्पित
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ऐतिहासिक जीत का जश्न आइची-नागोया एशियाई खेल 2026 में भारतीय पुरुष कबड्डी टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया है। फाइनल जीतते ही खिलाड़ियों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। टीम ने अपनी इस ऐतिहासिक उपलब्धि का श्रेय कड़ी मेहनत, कोच के मार्गदर्शन और देशवासियों के अटूट समर्थन को दिया है।

देवांक के लिए विशेष पल टीम के सदस्य देवांक ने इस कामयाबी पर भगवान का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा, टीम प्रबंधन ने मुझ पर भरोसा जताया और खेलने का मौका दिया, जिसके चलते मैं इस ऐतिहासिक जीत का हिस्सा बन सका। देवांक ने अपना गोल्ड मेडल पूरे भारत को समर्पित करते हुए कहा कि देश की उम्मीदों ने ही उन्हें बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया।

दबाव को पीछे छोड़कर हासिल किया लक्ष्य कप्तान जयदीप ने जीत के बाद कहा कि देश की उम्मीदों का दबाव जरूर था, लेकिन खिलाड़ियों को अपनी क्षमता पर पूरा भरोसा था। उन्होंने बताया कि कबड्डी में भारत की एक गौरवमयी परंपरा रही है और टीम का सपना अब कबड्डी को ओलंपिक खेलों में देखने का है। खिलाड़ी चाहते हैं कि भविष्य में उन्हें ओलंपिक के बड़े मंच पर देश का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिले।

आठ महीने की कड़ी मेहनत सुनील कुमार ने इस जीत को टीम की आठ महीने लंबी ट्रेनिंग का नतीजा बताया। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों ने जीत के इरादे के साथ मैदान में कदम रखा था। सुनील के अनुसार, ओलंपिक का हिस्सा न होने के कारण एशियाई खेलों के गोल्ड मेडल का महत्व कबड्डी खिलाड़ियों के लिए सबसे अधिक है।

स्वर्णिम सफलता, उज्ज्वल भविष्य भारतीय कबड्डी टीम की यह जीत देश के लिए एक नई उपलब्धि है। लंबे समय की तैयारी और सामूहिक प्रयास से मिली इस सफलता ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि कबड्डी के खेल में भारत का वर्चस्व कायम है। खिलाड़ियों ने एक सुर में देशवासियों का आभार जताया है।

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