वेस्ट सिक्किम में कुदरत का कहर: रिम्बी गांव में भारी भूस्खलन, मलबे में दबे 30 से अधिक घर
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गंगटोक: सिक्किम में हो रही मूसलाधार बारिश ने एक बार फिर तबाही मचाई है। गुरुवार रात वेस्ट सिक्किम के युक्सोम-ताशीडिंग निर्वाचन क्षेत्र के रिम्बी गांव में एक भीषण भूस्खलन हुआ, जिसने पूरे इलाके में अफरा-तफरी मचा दी। पहाड़ी से नीचे गिरे मलबे की चपेट में आने से 30 से अधिक रिहायशी मकान और बिजली विभाग के सरकारी क्वार्टर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं।

रात के अंधेरे में आई आपदा भारी बारिश के कारण पहाड़ी ढलानें कमजोर हो गई थीं, जिसके चलते गुरुवार रात अचानक भारी मात्रा में मिट्टी, पत्थर और मलबा रिहायशी इलाकों की ओर बहने लगा। रात का समय होने के कारण स्थानीय लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। देखते ही देखते मलबा घरों के भीतर घुस गया, जिससे कई मकान पूरी तरह से नष्ट हो गए हैं या गंभीर रूप से प्रभावित हुए हैं।

राहत की खबर: टला बड़ा जान-माल का नुकसान इतनी भीषण घटना के बावजूद, प्रशासन के लिए सबसे बड़ी राहत की खबर यह है कि इस आपदा में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। समय रहते लोग सुरक्षित स्थानों की ओर निकल गए, जिससे बड़ी जनहानि टल गई। फिलहाल इलाके में मलबे का अंबार लगा है और बारिश के कारण बचाव कार्यों में भी चुनौतियां पेश आ रही हैं।

प्रशासन की पैनी नजर घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन हरकत में आ गया है। फिलहाल इलाके में स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है। अधिकारियों की एक टीम नुकसान का विस्तृत आकलन करने में जुटी है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि कितने परिवार बेघर हुए हैं और सरकारी संपत्ति को कितना बड़ा नुकसान पहुंचा है।

पहाड़ों पर मंडराता खतरा रिम्बी गांव की यह घटना सिक्किम में बारिश के दौरान बढ़ते भूस्खलन के खतरे को रेखांकित करती है। भू-वैज्ञानिकों और स्थानीय प्रशासन ने चेतावनी दी है कि लगातार बारिश से पहाड़ी ढलान असुरक्षित हो गई हैं। लोगों को सलाह दी गई है कि वे दरारें दिखने या असामान्य हलचल महसूस होने पर तुरंत सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं।

फिलहाल, प्रभावित परिवारों के लिए पुनर्वास और नुकसान के औपचारिक आकलन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। आने वाले दिनों में बारिश जारी रहने की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन ने अलर्ट जारी रखा है।

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