चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग 11 साल के लंबे अंतराल के बाद अमेरिका के दौरे पर पहुंचे हैं, लेकिन उनके स्वागत में गर्मजोशी के बजाय कड़ा विरोध देखने को मिला है। शी जिनपिंग के पहुंचते ही वाशिंगटन डीसी की सड़कों पर मानवाधिकार कार्यकर्ता और विभिन्न संगठन सड़कों पर उतर आए।
व्हाइट हाउस के बाहर गूंजे विरोध के स्वर गुरुवार रात व्हाइट हाउस के बाहर तिब्बत, हॉन्ग-कॉन्ग और उइगर मुस्लिम समर्थकों ने जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने हाथ में 14वें दलाई लामा के पोस्टर लिए थे और फ्री तिब्बत , फ्री हॉन्ग-कॉन्ग और शी जिनपिंग, आपका यहां स्वागत नहीं है जैसे नारे लगाए।
संगठित विरोध और व्यापक योजना यह विरोध प्रदर्शन किसी एक समूह तक सीमित नहीं था। प्रदर्शन में ताइवान, दक्षिणी मंगोलिया और चीनी लोकतंत्र समर्थक संगठनों ने भी हिस्सा लिया। प्रदर्शनकारियों ने चीनी दूतावास के बाहर मार्च, अमेरिकी कैपिटल के बाहर रैली और फ्रैंकलिन पार्क में कैंडललाइट विजिल जैसी कई गतिविधियों की योजना बनाई थी।
प्रशासन पर भेदभाव का आरोप तिब्बती संगठनों ने सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। तिब्बतन यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष त्सेरिंग चॉम्पेल ने दावा किया कि तमाम परमिट होने के बावजूद उन्हें चीनी दूतावास के पास तक नहीं जाने दिया गया। उन्होंने कहा कि उनकी सभा पूरी तरह शांतिपूर्ण थी, फिर भी उन्हें वैन नेस स्ट्रीट पर ही रोक दिया गया।
निगरानी और राजनीतिक कैदियों का मुद्दा इंटरनेशनल कैंपेन फॉर तिब्बत ने आरोप लगाया कि चीनी सरकारी एजेंट वहां प्रदर्शन कर रहे लोगों की वीडियोग्राफी कर निगरानी रख रहे थे। प्रदर्शनकारियों ने चीन की जेलों में बंद तिब्बती राजनीतिक कैदियों और 11वें पंचेन लामा की तत्काल रिहाई की मांग की है।
यह प्रदर्शन चीन की दमनकारी नीतियों के खिलाफ वैश्विक स्तर पर बढ़ रहे असंतोष को दर्शाता है। शी जिनपिंग का यह दौरा कूटनीतिक रूप से चुनौतीपूर्ण हो गया है क्योंकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बीजिंग की छवि मानवाधिकारों के हनन को लेकर लगातार सवालों के घेरे में है।
Protest in US Against Xi Jinping: फ्री तिब्बत, फ्री हॉन्ग-कॉन्ग… , शी जिनपिंग के विरोध में अमेरिका में आंदोलन, प्रदर्शनकारियों ने दलाई लामा के पोस्टर लहराए#washingtondc #usa #xijinping #china #tibet #freetibet #hongkong #lalluramews pic.twitter.com/cfkzMEMDVn
— Lallu Ram (@lalluram_news) September 25, 2026
एशियन गेम्स 2026: निशानेबाजी में भारत को झटका, ऐश्वर्य और नीरज खाली हाथ
जब ट्रंप के मजाक पर ठहाके लगाने लगे शी जिनपिंग, वीडियो हुआ वायरल
बुढ़ापे का सहारा बने नियोक्ता: ड्राइवर और मेड के भविष्य के लिए की अनोखी पहल
महाराष्ट्र एसआईआर पर बॉम्बे हाईकोर्ट में हलचल: CEC के 14 आदेशों को दी गई चुनौती
ICC का वारंट और नेतन्याहू की सुरक्षित उड़ान: गिरफ्तारी के कानून में कहां फंसा पेंच?
अब एक कॉल पर मिलेगी खेती की हर समस्या का समाधान, यूपी सरकार ने जारी किए हेल्पलाइन नंबर
रक्षा बजट में तीन गुना उछाल, आत्मनिर्भर भारत से बदली सेना की ताकत: राजनाथ सिंह
‘आपको क्या तकलीफ है?’: लालबागचा राजा दर्शन पर कोमल रानी के साथ ट्रोल होने पर गोविंदा ने तोड़ी चुप्पी
आगरा में शर्मनाक खेल: बहन की बीमारी का झूठा स्वांग रचकर ऐंठे लाखों, क्राउड फंडिंग फ्रॉड का भंडाफोड़
आत्मनिर्भरता के 12 साल: मोबाइल से लेकर लोकोमोटिव तक, मेक इन इंडिया ने बदली दुनिया में भारत की तस्वीर