न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 81वें सत्र के दौरान भारत, ब्राजील, जर्मनी और जापान (G4) ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में बदलाव की मांग को लेकर एक बार फिर मोर्चा खोल दिया है। चारों देशों के विदेश मंत्रियों ने एक संयुक्त बयान जारी कर स्पष्ट किया कि 8 दशक पुरानी यह व्यवस्था अब अपनी प्रासंगिकता खो चुकी है।
18 साल की सुस्त रफ्तार पर नाराजगी बैठक में G4 ने इस बात पर गहरी चिंता जताई कि सुरक्षा परिषद में सुधार के लिए चल रही इंटरगवर्नमेंटल नेगोशिएशंस (IGN) प्रक्रिया करीब 18 सालों से ठप पड़ी है। विदेश मंत्रियों ने कहा कि ठोस नतीजों के अभाव में यह प्रक्रिया महज एक औपचारिकता बनकर रह गई है। मौजूदा ढांचा आज की बदली हुई वैश्विक राजनीतिक और आर्थिक हकीकत को बयां करने में पूरी तरह नाकाम है।
स्थायी और अस्थायी सीटों के विस्तार पर जोर G4 ने सुरक्षा परिषद में स्थायी और अस्थायी दोनों श्रेणियों में विस्तार की पुरजोर मांग की है। समूह ने विशेष रूप से अफ्रीका, एशिया-प्रशांत और लैटिन अमेरिकी देशों को प्रतिनिधित्व देने पर जोर दिया। G4 ने अफ्रीकी देशों की स्थायी सदस्यता की मांग का भी खुलकर समर्थन किया है।
ब्रिजिंग प्रपोजल को नकारा G4 ने हाल ही में चर्चा में आए ब्रिजिंग प्रपोजल पर कड़ी आपत्ति जताई है। समूह का कहना है कि यह प्रस्ताव सुधारों के समर्थक देशों की वास्तविक राय को सही तरीके से प्रदर्शित नहीं करता है। साथ ही, G4 ने यह भी साफ किया कि सुधारों के लिए सर्वसम्मति (consensus) की शर्त को अनिवार्य नहीं बनाया जाना चाहिए, क्योंकि यह प्रक्रिया को जानबूझकर लटकाने का एक जरिया है।
अब लिखित बातचीत (Text-based negotiation) की वकालत G4 ने अब टेक्स्ट-आधारित बातचीत शुरू करने पर जोर दिया है। उनका मानना है कि जब तक प्रस्तावों को लिखित रूप में चर्चा के लिए नहीं लाया जाएगा, तब तक देशों के बीच स्पष्ट मतभेद और सुधार की राह तय नहीं हो पाएगी। भारत और अन्य G4 देश अब अन्य सहयोगी राष्ट्रों के साथ मिलकर एक साझा मॉडल तैयार करने की तैयारी कर रहे हैं।
भारत के लिए क्यों अहम है यह मुद्दा? भारत लंबे समय से UNSC में स्थायी सदस्यता की दावेदारी पेश कर रहा है। भारत का तर्क है कि दुनिया की सबसे बड़ी आबादी और तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था होने के नाते परिषद में उसका स्थान स्थायी होना चाहिए। सुरक्षा परिषद की मौजूदा व्यवस्था में केवल अमेरिका, रूस, चीन, फ्रांस और ब्रिटेन स्थायी सदस्य हैं, जबकि 10 अस्थायी सदस्य दो साल के लिए चुने जाते हैं।
इस बैठक के बाद G4 ने अपने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे इस मुद्दे पर आपसी तालमेल जारी रखें और नई दिल्ली में होने वाली अगली डायरेक्टर जनरल स्तर की बैठक में इसकी समीक्षा करें।
MEA | G4 nations—India, Brazil, Germany, Japan—issue joint statement pushing for UNSC reforms. Foreign Ministers meet on the margins of the 81st UNGA session in New York and call the current UN Security Council structure an anachronistic, eight-decades-old architecture that is… pic.twitter.com/KEDINBxVWn
— ANI (@ANI) September 24, 2026
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