चक्रवात अर्नब का खतरा: ओडिशा और आंध्र प्रदेश के तटों पर भारी बारिश का रेड अलर्ट, कई जिलों में स्कूल बंद
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बंगाल की खाड़ी में बना गहरा दबाव (Deep Depression) अब उत्तर आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा के तटों से टकरा गया है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, यह सिस्टम विशाखापत्तनम और गोपालपुर के बीच कलिंगपट्टनम के पास तट को पार कर रहा है। इसके प्रभाव से दोनों राज्यों के तटीय इलाकों में भारी बारिश और तेज हवाओं का दौर शुरू हो गया है।

कोरापुट में 230 मिमी बारिश, पुरी में रेड अलर्ट तूफान के असर से ओडिशा में बारिश की तीव्रता खतरनाक स्तर पर पहुंच गई है। पिछले 24 घंटों में कोरापुट जिले के सेमिलीगुडा में 230 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। पुरी सहित कई तटीय जिलों में मूसलाधार बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने दक्षिणी ओडिशा के कई जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है।

स्कूल और आंगनवाड़ी केंद्रों में छुट्टी खराब मौसम को देखते हुए प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाए हैं। खुर्दा, जगतसिंहपुर, गंजाम, गजपति, पुरी, कोरापुट, नबरंगपुर और मलकानगिरी में 24 सितंबर तक सभी स्कूल और आंगनवाड़ी केंद्र बंद कर दिए गए हैं। हालांकि, शिक्षकों और कर्मचारियों को अपने तैनाती स्थलों पर रहने का निर्देश दिया गया है ताकि राहत कार्यों में मदद मिल सके।

चिल्का झील में फेरी सेवा थमी सुरक्षा के मद्देनजर चिल्का झील में सतपड़ा-जाह्निकुड़ा के बीच चलने वाली फेरी सेवा को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। समुद्र तटों पर लाल झंडे लगा दिए गए हैं और पर्यटकों के समुद्र में जाने या स्नान करने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है। आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में भी 75 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है।

क्या यह आधिकारिक रूप से तूफान अर्नब है? सोशल मीडिया पर इस सिस्टम को साइक्लोन अर्नब कहा जा रहा है, लेकिन आधिकारिक स्थिति अलग है। IMD के अनुसार, फिलहाल यह एक डीप डिप्रेशन है। अर्नब नाम चक्रवातों की सूची में शामिल है (जिसे बांग्लादेश ने दिया है), लेकिन जब तक मौसम विभाग इसे आधिकारिक तौर पर चक्रवाती तूफान घोषित नहीं करता, तब तक इसे केवल एक गहरा दबाव माना जाएगा।

प्रशासन हाई अलर्ट पर निचले इलाकों में जलभराव, बाढ़ और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन की आशंका को देखते हुए आपदा प्रबंधन टीमें तैनात कर दी गई हैं। मलकानगिरी जैसे संवेदनशील जिलों में भारी मशीनरी और राहत दल मुस्तैद हैं। लोगों को सलाह दी गई है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें और नदियों व समुद्र तटों से दूर रहें।

आस-पास के राज्यों पर भी असर इस मौसम प्रणाली का प्रभाव केवल ओडिशा और आंध्र प्रदेश तक सीमित नहीं रहेगा। आने वाले समय में तेलंगाना, छत्तीसगढ़, झारखंड और पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में भी बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। मौसम विभाग लगातार सिस्टम की दिशा और तीव्रता पर पैनी नजर रखे हुए है।

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