भारतीय जनता पार्टी ने आगामी राजनीतिक चुनौतियों को देखते हुए अपने संगठन में बड़ा फेरबदल किया है। झारखंड में संगठन को धार देने के लिए पार्टी ने मध्य प्रदेश के वरिष्ठ आदिवासी नेता और राष्ट्रीय महामंत्री गजेंद्र पटेल को प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी है। उनके साथ संतोष सिंह और निवेदिता सिंह को सह-प्रभारी नियुक्त किया गया है।
गजेंद्र पटेल का राजनीतिक सफर जमीनी स्तर से शुरू हुआ। बचपन से ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की शाखाओं से जुड़े रहने वाले पटेल ने 1990 में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के जरिए राजनीति में कदम रखा। युवा मोर्चा, वनवासी कल्याण परिषद और भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा में काम करते हुए उन्होंने संगठन की बारीकियों को समझा और अपनी नेतृत्व क्षमता को निखारा।
मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले में जन्मे गजेंद्र पटेल एक सफल जननेता के रूप में उभरे हैं। वे भगवानपुरा से विधायक रहने के बाद 2019 में पहली बार खरगोन (एसटी) सीट से सांसद चुने गए। 2024 के लोकसभा चुनावों में उन्होंने लगातार दूसरी बार जीत दर्ज कर अपनी लोकप्रियता साबित की। वे संसद में 97% उपस्थिति और अपने क्षेत्र के मुद्दों को मुखरता से उठाने के लिए जाने जाते हैं।
पटेल को केवल एक सांसद के रूप में नहीं, बल्कि भाजपा के एक रणनीतिकार के रूप में देखा जाता है। 2017 में मध्य प्रदेश भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष रहने से लेकर 2021-22 में राष्ट्रीय महामंत्री तक का उनका सफर उनके संगठन कौशल को दर्शाता है। 17 अगस्त 2026 को उन्हें भाजपा की राष्ट्रीय टीम में महामंत्री बनाया गया, जो उनके बढ़ते कद का प्रमाण है।
झारखंड में आदिवासी बहुल क्षेत्रों में पकड़ और लंबे संगठनात्मक अनुभव के कारण गजेंद्र पटेल को यहां की कमान सौंपी गई है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, उनका मुख्य लक्ष्य झारखंड में सांगठनिक ढांचे को और अधिक सुदृढ़ करना है। चुनाव के लिहाज से महत्वपूर्ण इस राज्य में पटेल की नियुक्ति पार्टी की नई रणनीति का अहम हिस्सा है।
अब देखना यह होगा कि दिल्ली से मिली इस नई जिम्मेदारी को गजेंद्र पटेल झारखंड की सियासी जमीन पर किस तरह से भुनाते हैं।
*Bharatiya Janata Party appoints party in-charges and co-incharges for various States and UTs pic.twitter.com/TjLweCdVmI
— ANI (@ANI) September 23, 2026
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