चुनाव आयोग (ECI) की विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया पर छिड़ा विवाद अब राजनीतिक तूल पकड़ता जा रहा है। हालिया मीडिया रिपोर्टों में चुनाव आयोग के भीतर ही दो चुनाव आयुक्तों द्वारा बार-बार आपत्ति जताने की खबर सामने आने के बाद, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर तीखा हमला बोला है।
अभिजीत दीपके का बड़ा आरोप: चुनाव नहीं, स्क्रिप्ट लिखी जा रही है
अभिजीत दीपके ने मुख्य चुनाव आयुक्त को सीधे तौर पर भारत का दुश्मन करार दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि SIR के जरिए मतदाता सूची से 12 करोड़ से ज्यादा नाम हटा दिए गए हैं, जो कुल करीब 97 करोड़ मतदाताओं का 12.4 प्रतिशत है।
दीपके ने तर्क दिया कि 2024 के लोकसभा चुनाव में एनडीए और विपक्ष के बीच मतों का अंतर मात्र 2 फीसदी था, ऐसे में 12 फीसदी नामों का हटना लोकतंत्र के लिए खतरनाक है। उन्होंने SIR का फुल फॉर्म Special Intensive Rigging बताते हुए दावा किया कि ज्ञानेश कुमार चुनाव निष्पक्ष तरीके से नहीं, बल्कि एक तय स्क्रिप्ट के अनुसार करा रहे हैं।
आयोग के भीतर रार: 10 महीनों में 14 बार दर्ज हुई आपत्ति
विवाद की जड़ में वह रिपोर्ट है जिसमें बताया गया है कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 बार आधिकारिक तौर पर अपनी असहमति दर्ज कराई है।
दोनों आयुक्तों का कहना है कि आयोग के कई महत्वपूर्ण फैसले और आदेश उनकी जानकारी के बिना लिए गए या जारी किए गए। रिपोर्ट के अनुसार, स्थिति इतनी गंभीर है कि एक ही दिन में चार बार आपत्तियां दर्ज करने की नौबत भी आई थी।
क्या है SIR और क्यों हो रहा है बवाल?
स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया की शुरुआत जून 2025 में बिहार से हुई थी। इसका उद्देश्य मतदाता सूची का सत्यापन और संशोधन करना था। हालांकि, इसके जरिए 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की ड्राफ्ट सूचियों से 13 करोड़ से अधिक नाम हटाए गए हैं।
विपक्षी दलों और अब खुद चुनाव आयोग के सदस्यों द्वारा उठाए गए सवालों ने इस प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं। डेटा प्रबंधन और फॉर्म-6 में बदलाव जैसे मुद्दों पर आंतरिक मतभेद आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहे हैं।
संजय राउत की चेतावनी: ज्ञानेश कुमार जेल जाएंगे
चुनाव आयोग के भीतर मचे इस घमासान पर शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने आयोग के भीतर की विसंगतियों पर चिंता जताते हुए कहा कि इस मामले के लिए जवाबदेही तय होनी चाहिए और ज्ञानेश कुमार को इस कथित धांधली के लिए परिणाम भुगतने होंगे। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि ज्ञानेश कुमार जेल जाएंगे।
Gyanesh Kumar is the enemy of India.
— Abhijeet Dipke (@abhijeet_dipke) September 23, 2026
More than 12 crore names have reportedly been deleted from electoral rolls.
That is roughly 12.4% of the 97 crore registered electorate around the 2024 Lok Sabha election.
The gap between the BJP-led NDA and the opposition was just 2%.… pic.twitter.com/t7ZQjSYrId
क्या दिसंबर में अमेरिका-कनाडा का दौरा करेंगे पीएम मोदी? वैश्विक मंच पर बढ़ेगी भारत की धमक
मुर्गा बनाना और क्रिकेट का भविष्य: वैभव सूर्यवंशी पर सुरेश रैना का बड़ा बयान, विराट-रोहित को लेकर की ये भविष्यवाणी
वेदर अलर्ट: डीप डिप्रेशन से हाहाकार, 10 से ज्यादा राज्यों में भारी बारिश और आंधी-तूफान का रेड अलर्ट
स्टार वही है जो अंधेरा नहीं, रोशनी फैलाए: राष्ट्रपति मुर्मू के संदेश से सोशल मीडिया गदगद
रोहित और विराट की वापसी: वेस्टइंडीज के खिलाफ कब और कहां होगा दंगल , जानिए पूरा शेड्यूल
एशियन गेम्स 2026: सहन अराचिगे संभालेंगे कमान, श्रीलंका ने युवा ब्रिगेड के साथ भरी हुंकार
महाराष्ट्र कैबिनेट के बड़े फैसले: सूखा राहत में तेजी और मेट्रो प्रभावित किसानों को मिलेंगे विकसित प्लॉट
भारत-जापान मैच का वाइड विवाद: अंपायर के फैसले पर क्यों मचा बवाल, क्या कहता है ICC का नियम?
72वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स: राष्ट्रपति मुर्मू की सितारों को दो टूक, कहा- रोशनी फैलाएं, अंधेरा नहीं
चुनावी रंजिश भूली सियासत! मंत्री दयाशंकर सिंह ने सपा सांसद अवधेश प्रसाद के छुए पैर