सॉलिसिटर जनरल के बयान पर विवाद AIMIM प्रमुख और हैदराबाद से लोकसभा सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता की उस हालिया टिप्पणी पर तीखी प्रतिक्रिया दी है, जिसमें उन्होंने वंदे मातरम का सम्मान न करने वाले याचिकाकर्ताओं को नक्सली कहा था। ओवैसी ने देश के दूसरे सबसे बड़े कानून अधिकारी द्वारा नागरिकों के खिलाफ ऐसी भाषा का इस्तेमाल करने पर सवाल उठाए हैं।
कोर्ट की टिप्पणी का ओवैसी ने किया समर्थन यह विवाद तब शुरू हुआ जब सुप्रीम कोर्ट ने एक याचिका पर सुनवाई करते हुए स्पष्ट किया कि किसी व्यक्ति को वंदे मातरम गाने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता, यदि यह उनके जमीर के खिलाफ है। ओवैसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर सुप्रीम कोर्ट के इस रुख का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि असहमति की आजादी, सोच और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का एक अभिन्न अंग है।
याचिकाकर्ताओं को नक्सली कहने पर नाराजगी सॉलिसिटर जनरल ने वंदे मातरम को अनिवार्य बनाने और इसका अनादर करने पर सजा देने वाले कानून को चुनौती देने वाली याचिका का विरोध करते हुए इसे नक्सली सोच करार दिया था। ओवैसी ने इस पर सख्त आपत्ति जताते हुए कहा कि अदालत में अपने अधिकारों के लिए कानूनी रास्ता अपनाना हर नागरिक का संवैधानिक हक है, न कि कोई नक्सली गतिविधि।
देशभक्ति और संविधान का मुद्दा ओवैसी ने सरकार के रुख की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि देशभक्ति को किसी खास गीत को गाने के पैमाने से नहीं नापा जा सकता। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारतीय संविधान हर नागरिक को असहमति व्यक्त करने का अधिकार देता है। ओवैसी ने याद दिलाया कि देशभक्ति का प्रदर्शन जबरदस्ती नहीं, बल्कि स्वैच्छिक होना चाहिए।
आगे क्या? सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि किसी को भी गाने के लिए मजबूर करने के आधार पर उस पर आपराधिक मुकदमा नहीं चलाया जा सकता। हालांकि, सरकार की ओर से इस मामले पर अभी तक कोई औपचारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। फिलहाल, इस कानूनी मुद्दे पर देश भर में बहस छिड़ गई है और मामले की अगली सुनवाई पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।
The Supreme Court, while hearing a challenge to a law that criminalises refusal to show respect to Vande Mataram, made an important point: a person cannot be criminally prosecuted simply for refusing to recite it if their conscience does not permit it.
— Asaduddin Owaisi (@asadowaisi) September 22, 2026
The freedom to disagree is… pic.twitter.com/yFoVMEctTl
ओडिशा शिक्षा विवाद: कॉकरोच जनता पार्टी ने तेज किया आंदोलन, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
सिनेमा के मेगास्टार के 48 साल: भावुक हुए चिरंजीवी ने फैंस और फिल्ममेकर्स को कहा शुक्रिया
वोट चोरी देशद्रोह है : चुनाव आयोग पर राहुल गांधी का तीखा प्रहार, अधिकारियों को दी सख्त चेतावनी
डील करूं या सर्वनाश : ट्रंप ने UN में ईरान के सामने रखा दो-टूक विकल्प
यूपी का इकोनॉमिक कायाकल्प : पूर्वांचल और बुंदेलखंड के 35 जिलों में शुरू होगा 2500 करोड़ का बड़ा प्रोजेक्ट
ग्वालियर के TMZ में भर गई जमीन, अब दूसरे फेज से चमकेगा एमपी का औद्योगिक भविष्य
UNGA में ट्रंप की डील या तबाही वाली चेतावनी पर मचा बवाल, ईरान और क्यूबा का वॉकआउट
नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स में यामी गौतम का जलवा, आदित्य धर ने धुरंधर को लेकर दिया बड़ा संकेत
HMD का नया Pro स्मार्टफोन जल्द मचाएगा धूम, कैमरा फीचर्स से होगा मुकाबला
बंगाल की खाड़ी में बना अर्नब का खतरा: ओडिशा और आंध्र प्रदेश हाई अलर्ट पर, जानें क्या है ताजा अपडेट