टेक्सास में हनुमान प्रतिमा पर छिड़ा विवाद, धार्मिक स्वतंत्रता बनाम राजनीतिक बहस का बना केंद्र
News Image

अमेरिका के टेक्सास में स्थित 90 फुट ऊंची भगवान हनुमान की प्रतिमा एक बार फिर गहरे विवादों में घिर गई है। शुगर लैंड स्थित श्री अष्टलक्ष्मी मंदिर की इस स्टैच्यू ऑफ यूनियन को लेकर सोशल मीडिया पर शुरू हुई बयानबाजी ने धार्मिक स्वतंत्रता और अमेरिकी मूल्यों पर एक नई बहस छेड़ दी है।

क्या है विवाद की जड़? विवाद की शुरुआत कंजर्वेटिव कमेंटेटर और MAGA समर्थक जेसी ह्यूजेस के एक सोशल मीडिया पोस्ट से हुई। ह्यूजेस ने प्रतिमा की तस्वीर शेयर करते हुए धमकी भरे लहजे में लिखा, जब हम जीतेंगे, तो हम इसे गिरा देंगे। हालांकि, उन्होंने अपने पोस्ट में हम और जीत का स्पष्ट संदर्भ नहीं दिया, लेकिन उनके इस बयान को अमेरिका में बढ़ रही राजनीतिक और सांस्कृतिक ध्रुवीकरण से जोड़कर देखा जा रहा है।

पूर्व अमेरिकी सैनिक ने किया कड़ा विरोध ह्यूजेस के इस बयान पर पूर्व अमेरिकी सैनिक रुचिर बख्शी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। अफगानिस्तान और इराक में अपनी सेवाएं दे चुके बख्शी ने कहा कि उन्होंने सेना की वर्दी इसलिए नहीं पहनी थी कि कोई व्यक्ति अपनी राजनीतिक जीत के बाद धर्म के आधार पर कार्रवाई करने की बात करे। उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिकी सेना में सभी धर्मों के लोग एक साथ मिलकर देश की रक्षा करते हैं। उनके इस रुख को कोएलिशन ऑफ हिंदूज ऑफ नॉर्थ अमेरिका (CoHNA) समेत अन्य संगठनों का भी समर्थन मिला है।

विवादित बयानों का सिलसिला जेसी ह्यूजेस ने बाद में अपने रुख को स्पष्ट करते हुए इसे ईसाई मान्यताओं और झूठी मूर्तियों से जोड़ दिया। गौर करने वाली बात यह है कि यह प्रतिमा पहले भी विवादों में रही है। अगस्त 2024 में उद्घाटन के कुछ ही दिनों बाद एक चर्च समूह ने मंदिर के बाहर आपत्तिजनक प्रदर्शन किया था। साथ ही, सितंबर 2025 में रिपब्लिकन नेता अलेक्जेंडर डंकन ने भी इसे लेकर विवादित टिप्पणी की थी।

क्यों खास है स्टैच्यू ऑफ यूनियन ? अगस्त 2024 में स्थापित यह प्रतिमा 90 टन वजनी पंचधातु की मूर्ति है। यह उत्तरी अमेरिका में भगवान हनुमान की सबसे ऊंची प्रतिमा है। इसे स्टैच्यू ऑफ यूनियन का नाम दिया गया है, जिसका उद्देश्य शक्ति, भक्ति और एकता का संदेश देना है। मंदिर प्रशासन ने इसे पूरी तरह से अपनी निजी संपत्ति और धार्मिक आस्था का प्रतीक बताया है।

धार्मिक स्वतंत्रता बनाम बदलती जनसांख्यिकी विशेषज्ञों का मानना है कि यह विवाद केवल एक मूर्ति को गिराने की धमकी तक सीमित नहीं है। यह अमेरिका में बदलती जनसांख्यिकी, सांस्कृतिक पहचान और धार्मिक स्वतंत्रता के बीच चल रहे गहरे संघर्ष को दर्शाता है। हालांकि, ह्यूजेस की पोस्ट को अब तक किसी आधिकारिक सरकारी नीति या चुनावी एजेंडे का हिस्सा नहीं माना गया है, लेकिन इसने हिंदू-अमेरिकी समुदाय में सुरक्षा और सम्मान को लेकर चिंताएं जरूर बढ़ा दी हैं।

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

UP चुनाव 2027: मिशन-71 से PDA रथ तक, उत्तर प्रदेश की सियासत का नया चक्रव्यूह

Story 1

41 साल की उम्र में थमा दिग्गज का बल्ला, साउथ अफ्रीकी स्टार कोलिन इंग्राम ने क्रिकेट को कहा अलविदा

Story 1

UNGA में जयशंकर की कूटनीतिक आंधी : फ्रांस से लेकर V4 तक, बदले वैश्विक समीकरण

Story 1

एशियन गेम्स में भारत का स्वर्णिम आगाज: महिला क्रिकेट टीम ने श्रीलंका को धूल चटाकर जीता पहला गोल्ड

Story 1

2500 दो और दिल्ली पहुंचो : ट्रेन में AC सीट का सौदा करते अटेंडेंट का वीडियो वायरल

Story 1

एशियन गेम्स में भारतीय महिला क्रिकेट टीम का स्वर्णिम इतिहास, विरोधियों को हराकर जीता गोल्ड

Story 1

एशियन गेम्स: भारतीय बेटियों का जलवा, क्रिकेट में स्वर्ण जीत रचा इतिहास

Story 1

72वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स: धुरंधर पर सवाल टालकर आदित्य धर ने यामी गौतम पर रखा पूरा फोकस

Story 1

PAK: सरेआम AK-47 की नोक पर मंत्री का अपहरण, खैबर पख्तूनख्वा में दहला देने वाली वारदात

Story 1

जमुई कांड पर बोले JDU नेता राजीव रंजन: शिकायत में देरी बनी बाधा, आरोपियों को बख्शा नहीं जाएगा