IIT कानपुर से डिग्री, एक्सेंचर की नौकरी और जापान के लिए क्रिकेट; ये है बिहार के अभिषेक की कहानी
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बिहार के रोहतास के रहने वाले अभिषेक आनंद आज जापान की नेशनल क्रिकेट टीम में अपनी धाक जमा रहे हैं। उनका सफर किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है। एक मध्यमवर्गीय परिवार से निकलकर IIT कानपुर की दहलीज तक पहुँचना और फिर जापान जाकर इंटरनेशनल क्रिकेट खेलना—अभिषेक ने साबित कर दिया है कि जुनून हो तो मंजिल दूर नहीं।

IIT का सफर और जापान का सपना अभिषेक बचपन से ही पढ़ाई में अव्वल थे, लेकिन क्रिकेट का जुनून उनके भीतर हमेशा धड़कता रहा। IIT कानपुर से 2022 में केमिस्ट्री में BS-MS की डिग्री लेते समय ही उन्होंने अपनी कॉलेज टीम की कप्तानी की थी। कैंपस प्लेसमेंट के दौरान जब उनसे भविष्य के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने आत्मविश्वास से कहा था कि वह जापान जाकर क्रिकेट को बढ़ावा देंगे।

कॉरपोरेट जॉब के साथ मैदान पर पसीना IIT के बाद अभिषेक का चयन एक्सेंचर (Accenture) कंपनी में हुआ और वह नौकरी के सिलसिले में टोक्यो शिफ्ट हो गए। 9 से 5 की कॉरपोरेट नौकरी के दबाव के बीच भी उन्होंने क्रिकेट से नाता नहीं तोड़ा। उन्होंने टोक्यो फाल्कन्स जॉइन किया और अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से जापानी सिलेक्टर्स का ध्यान खींचा। महज तीन साल के भीतर उन्होंने जापान की नेशनल टीम में जगह बना ली।

इंटरनेशनल क्रिकेट का सफर 28 वर्षीय ऑलराउंडर अभिषेक ने 9 मई 2025 को कुक आइलैंड्स के खिलाफ टी20 इंटरनेशनल में डेब्यू किया। अब तक खेले 18 मैचों में वह 275 रन बना चुके हैं, जिसमें एक अर्धशतक भी शामिल है। वह हाल ही में थाईलैंड में हुई ICC टी20 वर्ल्ड कप सब-रीजनल क्वालिफायर में भी जापानी जर्सी में नजर आए थे।

बिहारी कहाँ नहीं है भाई! अभिषेक का एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। भारत और जापान के बीच होने वाले ऐतिहासिक मुकाबले से पहले जब उनसे उनके बैकग्राउंड के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने बड़े देसी अंदाज में कहा, अंडरएस्टिमेट कर रहे हैं, बिहारी कहाँ नहीं है भाई! यह लाइन अब इंटरनेट पर उनके संघर्ष और सफलता का प्रतीक बन चुकी है।

भारत-जापान मैच और अभिषेक की भूमिका 22 सितंबर को सानो इंटरनेशनल क्रिकेट ग्राउंड पर भारत और जापान के बीच होने वाला टी20 मैच दोनों देशों के राजनयिक संबंधों के 75 साल पूरे होने का जश्न है। हालांकि, मौजूदा स्क्वाड में अभिषेक का नाम नहीं होने के कारण वह मैदान पर नहीं खेलेंगे, लेकिन डगआउट में अपनी जापानी टीम का हौसला बढ़ाते नजर आएंगे।

अभिषेक का यह सफर उन लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा है जो अपने सपनों और करियर के बीच संतुलन बनाना चाहते हैं। उन्होंने भारतीय युवा खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी की भी जमकर तारीफ की और कहा कि पूरी दुनिया आज वैभव के खेल की मुरीद हो चुकी है।

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