नई दिल्ली: भारत और न्यूजीलैंड के बीच हुए ऐतिहासिक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) के साथ दोनों देशों के आर्थिक रिश्तों का एक नया अध्याय शुरू होने जा रहा है। यह समझौता 20 अक्टूबर यानी विजयादशमी के दिन से आधिकारिक रूप से लागू हो जाएगा।
केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने इसे दोनों देशों के लिए एक बड़ी उपलब्धि बताया है। न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने भी इस पर मुहर लगाते हुए इसे वर्षों के वादे को पूरा करने वाला कदम करार दिया है।
व्यापार का लक्ष्य: दोगुना से ज्यादा उछाल इस मास्टरप्लान का मुख्य उद्देश्य द्विपक्षीय व्यापार को मौजूदा 2.4 अरब डॉलर से बढ़ाकर 5 अरब डॉलर तक ले जाना है। न्यूजीलैंड ने भारतीय निर्यात पर लगने वाले सभी टैरिफ को पूरी तरह समाप्त कर दिया है।
पहले न्यूजीलैंड में भारतीय उत्पादों पर 10% तक का सीमा शुल्क लगता था, जो अब शून्य हो गया है। इससे टेक्सटाइल, फार्मा, लेदर और ऑटो कंपोनेंट सेक्टर को वैश्विक बाजार में बड़ी बढ़त मिलेगी। इसके अलावा, भारत में 20 अरब डॉलर के विदेशी निवेश का रास्ता भी साफ हो गया है।
किसानों और डेयरी उद्योग की सुरक्षा प्राथमिकता भारत ने इस डील में अपनी घरेलू अर्थव्यवस्था को पूरी तरह सुरक्षित रखा है। न्यूजीलैंड डेयरी उत्पादों का वैश्विक पावरहाउस है, लेकिन भारत सरकार ने अपने किसानों के हितों से समझौता नहीं किया है।
मक्खन, चीज और प्याज जैसे संवेदनशील सेक्टर्स को टैक्स छूट के दायरे से बाहर रखा गया है। साथ ही, कुछ महत्वपूर्ण मेटल प्रोडक्ट्स के लिए भी सुरक्षात्मक उपाय बरकरार रखे गए हैं, ताकि घरेलू कारोबारियों की आजीविका प्रभावित न हो।
युवाओं और प्रोफेशनल्स के लिए बंपर अवसर यह समझौता केवल सामानों के लेनदेन तक सीमित नहीं है। भारत के आईटी और स्किल्ड प्रोफेशनल्स के लिए न्यूजीलैंड ने हर साल 5,000 स्पेशल वर्क वीजा का कोटा तय किया है।
STEM (साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और मैथ्स) की पढ़ाई करने वाले भारतीय छात्रों को 3 से 4 साल का पोस्ट-स्टडी वर्क वीजा मिलेगा। इसके अलावा, पहली बार किसी पश्चिमी देश के ट्रेड एग्रीमेंट में आयुष और योग को कानूनी मान्यता दी गई है।
तेज और पारदर्शी व्यापार प्रणाली व्यापार को सुगम बनाने के लिए कार्गो क्लीयरेंस की प्रक्रिया को हाई-टेक बनाया गया है। अब सामान्य कार्गो को 48 घंटे और खराब होने वाले सामानों को महज 24 घंटे के भीतर क्लीयरेंस मिल जाएगा। न्यूजीलैंड की संसद में 93 सांसदों का भारी समर्थन इस समझौते की सफलता और भविष्य की संभावनाओं पर मुहर लगाता है। 20 अक्टूबर का दिन भारत की वैश्विक व्यापार नीति में एक ऐतिहासिक मोड़ साबित होगा।
Almost exactly three years ago, I committed that National would secure a free trade deal with India within our first term if elected.
— Christopher Luxon (@chrisluxonmp) September 21, 2026
And today, we finalised the deal, which comes into force next month.
It is exciting to think of how many businesses will grow as a result of… pic.twitter.com/WQt04FNHXi
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