दिल्ली से सटा गौतम बुद्ध नगर जिला संख्या के लिहाज से भले ही छोटा हो, लेकिन राजनीतिक और आर्थिक रूप से यह उत्तर प्रदेश का सबसे महत्वपूर्ण जिला है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट और तेजी से बढ़ते औद्योगिक विकास ने इसे राष्ट्रीय सुर्खियों में ला खड़ा किया है। 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए अभी से जिले का सियासी पारा चढ़ने लगा है।
1997 में बने इस जिले की साक्षरता दर 80 प्रतिशत है, जो प्रदेश में सबसे अधिक है। 2011 की जनगणना के अनुसार, यहां 85 प्रतिशत हिंदू और 13 प्रतिशत मुस्लिम आबादी है। दिलचस्प बात यह है कि जिले की 59 प्रतिशत आबादी शहरों में रहती है, जिसके कारण यहां के चुनावी मुद्दे पारंपरिक राजनीति से हटकर विकास और सुरक्षा पर केंद्रित रहते हैं।
गौतम बुद्ध नगर में कुल तीन विधानसभा सीटें हैं—नोएडा, दादरी और जेवर। खास बात यह है कि तीनों ही सीटें सामान्य श्रेणी में आती हैं, यहाँ कोई भी सीट अनुसूचित जाति या जनजाति के लिए आरक्षित नहीं है।
पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा ने जिले की तीनों सीटों पर विपक्ष को बुरी तरह पछाड़ दिया था।
एक समय में यह जिला भट्टा-परसौल किसान आंदोलन (2011) के कारण चर्चा में था, जिसका खामियाजा तत्कालीन सरकार को भुगतना पड़ा था। लेकिन 2014 के बाद से यह क्षेत्र भाजपा का मजबूत किला बन गया है। नोएडा में जहाँ प्रवासी आबादी का प्रभाव है, वहीं जेवर और दादरी में आज भी स्थानीय गुर्जर, जाट और ठाकुर समुदाय का वर्चस्व चुनावी दिशा तय करता है।
इस बार सत्ताधारी दल नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को अपनी सबसे बड़ी उपलब्धि बताकर जनता के बीच जा रहा है। वहीं, सपा और बसपा भी सक्रिय हो गई हैं। अखिलेश यादव की दादरी में हुई जनसभा और बसपा का शक्ति प्रदर्शन इस बात का संकेत है कि विपक्ष इस गढ़ में सेंध लगाने की पूरी तैयारी में है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, भाजपा उन विधायकों का टिकट काटने पर विचार कर रही है जो लगातार दो बार से जीत रहे हैं या जिनकी उम्र 60 वर्ष से अधिक है। इससे दादरी सहित अन्य सीटों पर नए चेहरों की संभावना प्रबल हो गई है।
सवाल: गौतम बुद्ध नगर में कुल कितनी विधानसभा सीटें हैं? जवाब: कुल तीन सीटें—नोएडा, दादरी और जेवर।
सवाल: क्या जिले में कोई सीट आरक्षित है? जवाब: नहीं, तीनों सीटें सामान्य श्रेणी की हैं।
सवाल: जिले की राजनीतिक पहचान क्या है? जवाब: 2011 के किसान आंदोलन के बाद यह इलाका भाजपा का अभेद्य किला बन चुका है।
सवाल: 2027 के चुनाव में प्रमुख मुद्दा क्या होगा? जवाब: भाजपा इसे विकास और एयरपोर्ट के नाम पर लड़ रही है, तो विपक्षी दल रोजगार और स्थानीय विकास के मुद्दों को उठा रहे हैं।
*प्रधानमंत्री जी 25 वर्षों से अनवरत जनसेवा और राष्ट्र सेवा कर रहे हैं : रक्षा मंत्री श्री @rajnathsingh #SevaSankalpAbhiyan #HappyBDayPMModi pic.twitter.com/Toy4mer5dV
— BJP Uttar Pradesh (@BJP4UP) September 17, 2026
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