धरती के ध्रुवीय क्षेत्रों में चल रहा विनाशकारी बदलाव अब एक बड़ी वैश्विक चिंता बन गया है। नवीनतम वैज्ञानिक आंकड़ों के अनुसार, 1979 से 2023 के बीच ग्रीनलैंड और अंटार्कटिका से लगभग 12 लाख करोड़ (12 ट्रिलियन) टन बर्फ पिघल चुकी है। यह स्थिति आने वाले समय में तटीय शहरों के लिए बड़ा संकट पैदा कर सकती है।
समुद्र का स्तर 3.1 सेंटीमीटर बढ़ा वैज्ञानिकों की एक टीम ने 27 अलग-अलग सैटेलाइट मिशनों के डेटा का विश्लेषण कर यह रिपोर्ट तैयार की है। इस भारी बर्फबारी के नुकसान ने वैश्विक समुद्र स्तर को करीब 31.4 मिलीमीटर (3.1 सेंटीमीटर) तक बढ़ा दिया है। यह अध्ययन साइंटिफिक डेटा जर्नल में प्रकाशित हुआ है।
पिघलने का मुख्य कारण: गर्म समुद्री पानी चौंकाने वाली बात यह है कि बर्फ पिघलने का 84 फीसदी कारण केवल हवा का तापमान नहीं, बल्कि गर्म होता समुद्री पानी है। समुद्र का पानी नीचे और किनारों से बर्फ की चादरों को काट रहा है, जिससे ग्लेशियरों की गति बढ़ गई है और वे तेजी से समुद्र में समा रहे हैं। वैज्ञानिकों ने इसे डायनेमिक इम्बैलेंस का नाम दिया है।
बाढ़ के खतरे में करोड़ों लोग समुद्र के जलस्तर में हुई 3.1 सेंटीमीटर की यह मामूली सी वृद्धि भी खतरनाक है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि समुद्र का स्तर हर 1 सेंटीमीटर बढ़ने पर दुनिया भर में 20 से 30 लाख लोग हर साल बाढ़ की चपेट में आ सकते हैं। इससे तटीय इलाकों और छोटे द्वीपीय देशों के अस्तित्व पर सीधा खतरा मंडरा रहा है।
तेजी से बिगड़ता जा रहा है आँकड़ा रिपोर्ट के अनुसार, बर्फ पिघलने की रफ्तार हर दशक के साथ तेज होती जा रही है। 2010 का दशक बर्फ के नुकसान के लिहाज से बेहद विनाशकारी रहा है। 1972 से अब तक ग्रीनलैंड ने 6,215 अरब टन बर्फ खो दी है, जबकि 1979 से अंटार्कटिका से 4,780 अरब टन बर्फ गायब हुई है।
क्या अब भी कुछ किया जा सकता है? वैज्ञानिकों का कहना है कि भले ही आज वैश्विक तापमान बढ़ने की गति पर लगाम लगा दी जाए, लेकिन मौजूदा गर्म महासागरों के प्रभाव के कारण बर्फ के पिघलने की प्रक्रिया को तुरंत रोक पाना कठिन है। प्रकृति का यह चक्र अब पहले से कहीं अधिक तीव्र और अनियंत्रित होता जा रहा है।
A new report reveals that 12.5 trillion tons of ice from Greenland and Antarctica have melted since 1979. This massive glacier melt is mainly due to warmer waters eroding the ice sheets from below and the sides. pic.twitter.com/WRnYQQPgOT
— The Associated Press (@AP) September 16, 2026
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