पश्चिम एशिया के बदलते भू-राजनीतिक समीकरणों के बीच ईरानी पत्रकार बासिम लालेह का एक बयान सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। लालेह ने न केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कूटनीतिक सूझबूझ की जमकर तारीफ की है, बल्कि पाकिस्तान के सेना प्रमुख असीम मुनीर को आड़े हाथों लेते हुए उन्हें बर्खास्त तक बता दिया है।
भारत: नई वैश्विक महाशक्ति के रूप में उभरता भारत ईरानी पत्रकार ने स्पष्ट किया कि भारत अब केवल एक क्षेत्रीय खिलाड़ी नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर एक महत्वपूर्ण मध्यस्थ बन चुका है। लालेह के अनुसार, नई दिल्ली आज उन संवादों का केंद्र है जो पूरे पश्चिम एशिया को प्रभावित कर सकते हैं। उन्होंने BRICS शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी की सक्रियता का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत की कूटनीति ने वैश्विक मंच पर उसकी आवाज को पहले से कहीं अधिक प्रभावशाली बना दिया है।
असीम मुनीर पर बरसे लालेह पाकिस्तान के सेना प्रमुख को निशाने पर लेते हुए बासिम लालेह ने कहा, मिस्टर मुनीर, आप बर्खास्त हैं। उन्होंने तर्क दिया कि पाकिस्तान खुद को क्षेत्रीय सुरक्षा का ठेकेदार बताता रहा है, लेकिन हकीकत में वह पश्चिम एशिया के जटिल मुद्दों, खासकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जैसे संवेदनशील मामलों में पूरी तरह विफल रहा है। उन्होंने पाकिस्तान की आर्थिक बदहाली को उसकी गिरती साख का मुख्य कारण बताया।
आर्थिक निर्भरता बनाम कूटनीतिक संप्रभुता लालेह ने भारत और पाकिस्तान की नीतियों के बीच अंतर को स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि जहां भारत व्यापार, संवाद और आर्थिक सहयोग के जरिए अपनी स्वीकार्यता बढ़ा रहा है, वहीं पाकिस्तान की दूसरे देशों पर बढ़ती आर्थिक निर्भरता ने उसकी स्वतंत्र विदेश नीति को पंगु बना दिया है। यही कारण है कि क्षेत्रीय प्रभाव के मामले में भारत आज पाकिस्तान से कोसों आगे निकल चुका है।
ब्रिक्स और शांति की नई उम्मीदें दिल्ली में आयोजित BRICS शिखर सम्मेलन का जिक्र करते हुए पत्रकार ने कहा कि यह मंच क्षेत्रीय देशों के बीच पुराने मतभेदों को भुलाकर आपसी सहयोग की नई इबारत लिख रहा है। लालेह ने एक बड़ा दावा भी किया कि ईरान और यूएई जैसे देशों के बीच बढ़ते संवाद के कारण अगले दो महीनों में पश्चिम एशिया में जारी तनाव कम हो सकता है।
अंत में, लालेह की यह टिप्पणी इस बात को पुख्ता करती है कि अब कूटनीतिक और आर्थिक शक्ति का केंद्र बदल रहा है। वैश्विक मंच पर भारत का बढ़ता कद अब केवल पश्चिमी देशों तक सीमित नहीं है, बल्कि पश्चिम एशिया के देश भी नई दिल्ली को एक विश्वसनीय शांति निर्माता और शक्ति केंद्र के रूप में देख रहे हैं।
*#WATCH | BRICS Summit 2026 | Delhi: Iranian journalist Basim Laleh from Didban Iran News Agency says, More than 20 Presidents and high-level politicians came to Delhi. This Summit is happening after the war between India and Pakistan started...New Delhi is important for all the… pic.twitter.com/SHQmeQOycg
— ANI (@ANI) September 13, 2026
दिल्ली में अब हाई-टेक सार्वजनिक शौचालयों का दौर: 500 आधुनिक ब्लॉक्स के लिए ₹266 करोड़ मंजूर
आसमान में अद्भुत जुगलबंदी: चांद के करीब चमका शुक्र, दिखा मनमोहक नजारा
अंबानी के घर बप्पा का आगमन: क्रिकेट और ग्लैमर की महफिल में दिखा सितारों का जमावड़ा
दिल्ली एयरपोर्ट बना अखाड़ा: स्पाइसजेट की दुबई फ्लाइट 24 घंटे लेट, यात्रियों ने लगाए चोर है के नारे
15,000 करोड़ का किशाऊ डैम : 6 राज्यों के बीच सुलझा दशकों पुराना विवाद, जानिए क्या है केंद्र का मास्टर प्लान
लालबागचा राजा की भक्ति में डूबे अमेरिकी राजदूत: सर्जियो गोर बोले- ऐसी ऊर्जा कहीं और नहीं
नागपुर में गणेश विसर्जन की इको-फ्रेंडली तैयारी: 419 कृत्रिम कुंड तैयार, अब QR कोड से ढूंढें अपने पास का विसर्जन स्थल
बप्पा की भक्ति में डूबे पीएम मोदी: पीयूष गोयल के घर जाकर की विशेष आरती
क्या आज इतिहास रचेंगे वैभव सूर्यवंशी? दूसरे टी20 में बन सकता है बड़ा वर्ल्ड रिकॉर्ड
बंगाल उपचुनाव: नंदीग्राम में बीजेपी ने खेला बड़ा दांव, दिवंगत PA की मां को मिला टिकट