12 से 13 सितंबर 2026 तक नई दिल्ली के भारत मंडपम में संपन्न हुआ ब्रिक्स शिखर सम्मेलन भारत के लिए एक बड़ी कूटनीतिक कामयाबी बनकर उभरा है। ऐसे समय में जब पश्चिम एशिया में युद्ध और वैश्विक ध्रुवीकरण के कारण दुनिया दो हिस्सों में बंटी दिख रही है, भारत ने न केवल दिग्गज नेताओं को एक मंच पर लाने का साहसिक कार्य किया, बल्कि एक साझा एजेंडा भी तैयार किया।
इस सम्मेलन की सबसे बड़ी सफलता वैश्विक दिग्गजों का भारत आना रहा। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग का एक ही स्थान पर मौजूद होना मौजूदा भू-राजनीतिक अस्थिरता के बीच भारत के बढ़ते प्रभाव का प्रमाण है। 7 साल बाद शी जिनपिंग का भारत दौरा और पीएम मोदी के साथ उनकी सक्रिय भागीदारी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई दिल्ली की न्यूट्रल और ताकतवर छवि को मजबूत किया है।
विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने इस आयोजन को भारत की कूटनीतिक परिपक्वता करार दिया है। उन्होंने कहा कि दुनिया के तमाम तनावों और युद्ध के माहौल के बावजूद, भारत नई दिल्ली घोषणापत्र 2026 पर सभी सदस्य देशों की आम सहमति बनाने में सफल रहा। विशेषज्ञों को आशंका थी कि पश्चिम एशिया संकट पर ब्रिक्स के सदस्य एक साथ नहीं आ पाएंगे, लेकिन भारत ने इसे संभव कर दिखाया।
जयशंकर ने स्पष्ट किया कि समिट के दौरान न केवल अर्थव्यवस्था और तकनीक पर चर्चा हुई, बल्कि सुरक्षा चुनौतियों पर भी गंभीर मंथन हुआ। भारत की कूटनीति का ही परिणाम है कि आउटकम दस्तावेज में पश्चिम एशिया में नागरिकों और नागरिक बुनियादी ढांचे पर हो रहे हमलों की निंदा की गई है। साथ ही, ब्रिक्स ने आतंकवाद को एक गंभीर अपराध मानते हुए सीमा-पार आतंकवाद (Cross-border Terrorism) के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है।
विदेश मंत्री ने इस सफलता का पूरा श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन और नेतृत्व को दिया है। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स समिट का मुख्य उद्देश्य दुनिया को जोड़ना था, और भारत इस जटिल दौर में एक ग्लोबल ब्रिज के रूप में उभरकर सामने आया है। यह आयोजन निश्चित रूप से वैश्विक पटल पर भारत की साख और उसकी मध्यस्थता निभाने की क्षमता को नई ऊंचाइयों पर ले गया है।
#WATCH दिल्ली: विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने कहा, ये शिखर सम्मेलन उस समय हुआ जहां दुनिया में इतने सारे तनाव विवाद है और संघर्ष, युद्ध भी है। इसके बावजूद हम समिट का आउटकम दस्तावेज सर्वसम्मति से निकाल पाए और जो लोगों को लगा कि जो सबसे जटिल विषय जो खाड़ी में युद्ध जो चल रहा है उस… https://t.co/KWgFsqaBgJ pic.twitter.com/YxrP24NtVH
— ANI_HindiNews (@AHindinews) September 14, 2026
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