लंदन में अमेरिकी ऑपरेशन : अपने ही राजनयिक को मरीन कमांडो के जरिए चुपके से उड़ा ले गया अमेरिका, ब्रिटेन नाराज
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लंदन में मचा राजनयिक हड़कंप जब दुनिया की नजरें BRICS शिखर सम्मेलन पर टिकी थीं, तब लंदन में एक ऐसी घटना घटी जिसने अमेरिका और ब्रिटेन के बीच राजनयिक तनाव पैदा कर दिया है। अमेरिकी दूतावास में तैनात एक राजनयिक पर चाइल्ड पोर्नोग्राफी रखने का गंभीर आरोप लगा, जिसके बाद अमेरिकी सेना ने ब्रिटिश जमीन पर एक गुप्त ऑपरेशन को अंजाम दिया।

क्या है पूरा मामला? जांचकर्ताओं को इस राजनयिक के इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में बच्चों से जुड़ी आपत्तिजनक सामग्री मिली थी। यह मामला अमेरिका में रह रहे उसके भाई की जांच के दौरान सामने आया, जो खुद भी इसी तरह के आरोपों में घिरा है। जब अमेरिकी खुफिया एजेंसियों को राजनयिक की संलिप्तता का पता चला, तो उन्होंने राजनयिक प्रोटोकॉल के बजाय सैन्य कार्रवाई का रास्ता चुना।

ब्रिटिश जमीन पर अमेरिकी सर्जिकल स्ट्राइक 24 अगस्त को अमेरिका से एक बोइंग 747 सैन्य विमान ग्लूसेस्टरशायर स्थित रॉयल एयर फोर्स बेस पर उतरा। अमेरिकी मरीन कमांडो ने सीधे राजनयिक के घर छापा मारा और उसे हिरासत में ले लिया। सबसे विवादित बात यह रही कि इस पूरे ऑपरेशन की भनक ब्रिटिश पुलिस को तब लगी, जब संदिग्ध को लेकर विमान पहले ही उड़ान भर चुका था।

UK की संप्रभुता पर सवाल ब्रिटिश राजनेता इस घटना से भड़के हुए हैं। कंजर्वेटिव सांसद बेन ओबेसे-जेक्टी ने इसे ब्रिटिश अधिकार क्षेत्र का सीधा उल्लंघन बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका ने न केवल बिना अनुमति के ब्रिटिश जमीन पर सैन्य अभियान चलाया, बल्कि एक संदिग्ध को कानून के दायरे से बाहर निकालने के लिए सैन्य संसाधनों का दुरुपयोग किया। ओबेसे-जेक्टी ने तीखे लहजे में कहा, अमेरिकी सरकार अब बाल यौन अपराधियों को बचाने का काम कर रही है।

दबी जुबान में बचाव की कोशिश अमेरिकी सूत्रों ने अपनी इस हरकत का बचाव करते हुए कहा कि वे कानूनी प्रक्रियाओं की लंबी देरी से बचना चाहते थे। वहीं, ब्रिटिश सरकार फिलहाल फूंक-फूंक कर कदम उठा रही है। सरकार के एक प्रवक्ता ने केवल इतना कहा कि विदेशी राजनयिकों से स्थानीय कानूनों के पालन की उम्मीद की जाती है। इस चुप्पी के पीछे का कारण अमेरिका के साथ रिश्तों में आई इस नई दरार को गहरा होने से रोकना बताया जा रहा है।

क्यों उठ रहे हैं गंभीर सवाल? यह घटना अब बड़े सवाल खड़े कर रही है: क्या अमेरिका अपने राजनयिक को न्याय के कटघरे में खड़ा करेगा या मामला रफा-दफा कर दिया जाएगा? अमेरिकी दूतावास ने केवल इतना कहा कि वे उच्चतम मानकों को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हालांकि, ब्रिटेन में इस बात की चर्चा तेज है कि एक मित्र देश ने उसकी जमीन का इस्तेमाल अपने ही संदिग्ध को बचाने या छुपाने के लिए किया है।

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