क्या अब टूटने वाला है ब्रिटेन? कार्डिफ़ में आज जुटेंगे स्कॉटलैंड, वेल्स और उत्तरी आयरलैंड के दिग्गज
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जिस यूनाइटेड किंगडम (UK) ने कभी बांटो और राज करो की नीति से भारत सहित दुनिया के कई देशों की सीमाएं तय कीं, आज वही मुल्क इतिहास के सबसे बड़े बिखराव की दहलीज पर खड़ा है। स्कॉटलैंड, वेल्स और उत्तरी आयरलैंड के नेता एक स्वतंत्र भविष्य की नींव रखने के लिए आज वेल्स के कार्डिफ़ में एक ऐतिहासिक शिखर सम्मेलन करने जा रहे हैं।

कार्डिफ़ में बुलाई गई आपात बैठक

वेल्स की राजधानी कार्डिफ़ के पांच सितारा सेंट डेविड होटल में आज एक अभूतपूर्व बैठक हो रही है। इसमें स्कॉटलैंड, वेल्स और उत्तरी आयरलैंड के फर्स्ट मिनिस्टर (प्रथम मंत्री) शामिल हो रहे हैं। माना जा रहा है कि बैठक के अंत में एक संयुक्त घोषणापत्र जारी किया जाएगा, जिसमें आधिकारिक तौर पर जनमत संग्रह (Referendum) और आत्मनिर्णय के अधिकार की मांग को मजबूती से रखा जाएगा।

पहली बार एकजुट हुए स्वतंत्रता समर्थक

यूके के इतिहास में यह पहला मौका है जब तीनों प्रांतों में स्वतंत्रता समर्थक दल एक साथ सत्ता में हैं। स्कॉटलैंड में SNP, वेल्स में प्लेड सिमरू और उत्तरी आयरलैंड में शिन फेन जैसी पार्टियां अब केंद्र सरकार के खिलाफ लामबंद हैं। इन दलों का मानना है कि लंदन में बैठी संघीय सरकार उनके हितों की अनदेखी कर रही है।

ब्रेक्सिट और डेमोग्राफिक बदलाव बना मुख्य कारण

इन प्रांतों के अलगाव की मांग के पीछे दो बड़े कारण प्रमुख हैं। पहला, ब्रेक्सिट (यूरोपियन यूनियन से अलग होना), जिसने इन देशों की अर्थव्यवस्था को गहरा आघात पहुंचाया है और वे अब दोबारा EU में शामिल होना चाहते हैं।

दूसरा मुख्य कारण अवैध घुसपैठ और बदलती डेमोग्राफी है। स्थानीय नेताओं का आरोप है कि संघीय सरकार की नरम नीतियों के कारण इन क्षेत्रों की जनसांख्यिकीय संरचना बदल गई है, जिससे वे अपने ही घर में अल्पसंख्यक महसूस कर रहे हैं।

ट्रंप के बयान ने दी चिंगारी

दिलचस्प बात यह है कि यूके के इस आंतरिक बिखराव को हवा देने का काम अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने किया है। हाल ही में आयरलैंड दौरे के दौरान ट्रंप ने संयुक्त आयरलैंड (United Ireland) के विचार का समर्थन करते हुए इसे महान बताया था। उनके इस बयान ने उत्तरी आयरलैंड के नेताओं के हौसले बुलंद कर दिए हैं।

क्या अब अंत की ओर है यूके?

अगर इन प्रांतों की मांग मान ली जाती है, तो परिदृश्य पूरी तरह बदल जाएगा। उत्तरी आयरलैंड के मूल आयरलैंड में विलय की संभावना है, जबकि स्कॉटलैंड और वेल्स पूरी तरह स्वतंत्र देश के रूप में उभर सकते हैं। यदि ऐसा होता है, तो यूनाइटेड किंगडम और ब्रिटेन नाम का अस्तित्व हमेशा के लिए इतिहास के पन्नों में सिमट जाएगा और पीछे सिर्फ इंग्लैंड बचेगा।

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