उज्जैन: सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के बीच उज्जैन के छत्री चौक स्थित प्राचीन खड़े हनुमान मंदिर की प्रतिमा को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। प्रतिमा के विस्थापन और उसकी जांच को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही तमाम अटकलों के बीच अब IIT ने अपना रुख साफ कर दिया है।
IIT का स्पष्टीकरण: खबरें महज अफवाह सोशल मीडिया पर पिछले कुछ दिनों से यह दावा किया जा रहा था कि हनुमान जी की प्रतिमा की जांच के लिए IIT की टीम उज्जैन पहुंची है। हालांकि, संस्थान ने इन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। IIT ने स्पष्ट किया है कि उनकी ओर से कोई विशेषज्ञ या टीम उज्जैन नहीं भेजी गई है। संस्थान ने साफ कहा कि मूर्तियों को विस्थापित करने जैसी तकनीकी गतिविधियों के लिए उनके पास कोई विशेष टीम नहीं है।
सड़क चौड़ीकरण और मंदिर का संघर्ष कंठाल चौराहे से छत्री चौक तक सड़क चौड़ीकरण का कार्य चल रहा है, जिसकी जद में यह 160 साल पुराना प्राचीन मंदिर आ गया है। प्रशासन ने मंदिर को विस्थापित करने की योजना बनाई थी। मंदिर का बाहरी ढांचा तो हटा दिया गया, लेकिन जब हनुमान जी की प्रतिमा को हटाने का प्रयास किया गया, तो वह अपनी जगह से नहीं हिली।
श्रद्धालुओं में भारी आक्रोश और आस्था प्रतिमा के न हटने की खबरों के बाद स्थानीय लोगों और हिंदू संगठनों ने भारी विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। मंदिर स्थल पर लगातार हनुमान चालीसा का पाठ किया जा रहा है। सोशल मीडिया पर भी इस घटना से जुड़े वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिन्हें लोग चमत्कार और विज्ञान के अपने-अपने नजरिए से देख रहे हैं। नतीजतन, मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है।
वैज्ञानिक जांच के बाद होगा अंतिम फैसला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रतिमा को जबरन हटाने की बातें भ्रामक हैं। अब प्रशासन प्रतिमा के आधार, गहराई और उसकी भौतिक मजबूती की वैज्ञानिक जांच कराएगा। नगर निगम के अपर आयुक्त के अनुसार, प्रतिमा के विस्थापन पर अंतिम फैसला पुरातत्वविदों, वैज्ञानिकों और इतिहासकारों की रिपोर्ट के आधार पर ही लिया जाएगा।
प्राचीन धरोहर का महत्व पुरातत्व विशेषज्ञों का मानना है कि यह प्रतिमा मालवा के विशिष्ट काले बेसाल्ट पत्थर से निर्मित है। इसे परमार काल यानी राजा भोज के समय की स्थापत्य परंपरा से जोड़कर देखा जाता है। फिलहाल, वैज्ञानिक जांच की रिपोर्ट आने तक खड़े हनुमान जी की प्रतिमा के विस्थापन पर रोक लगी हुई है। प्रशासन का कहना है कि रिपोर्ट के निष्कर्षों को सार्वजनिक किया जाएगा।
*They tore the temple down.
— LIFE IS 🎶BEAUTIFUL (@DEVIKA12327912) September 10, 2026
They brought the machines.
They tried for days.
Khade Hanuman in Ujjain did not move.
Some will call it engineering.
Some will call it faith.
Either way, He is still standing.
Khade Hanuman ab bhi wahi khade hain.
Ujjain ke is 160 saal purane murti ne… pic.twitter.com/vo6dhhkWdI
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