रायबरेली में गरजे CM योगी: अकबर के दरबार में जाने से तुलसीदास का इनकार, बोले- मेरा राजा सिर्फ श्रीराम
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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को रायबरेली के ऊंचाहार पहुंचे। यहाँ चड़रई टोल प्लाजा के पास आयोजित सात दिवसीय शिव महापुराण कथा में शामिल होकर उन्होंने सनातन धर्म की महिमा और इतिहास के पन्नों से जुड़ी महत्वपूर्ण चर्चा की।

अकबर को तुलसीदास का सीधा जवाब संबोधन के दौरान सीएम योगी ने गोस्वामी तुलसीदास और मुगल बादशाह अकबर का एक प्रेरक किस्सा सुनाया। उन्होंने बताया कि जब तुलसीदास जी को अकबर के दरबार में नवरत्नों में शामिल होने का बुलावा आया, तो उन्होंने स्पष्ट शब्दों में इनकार कर दिया था।

योगी ने कहा, जब उनसे पूछा गया कि अकबर भारत का राजा है, तो तुलसीदास जी ने बेबाकी से जवाब दिया कि मेरा राजा केवल भगवान श्रीराम हैं। मैं किसी विदेशी आक्रांता को अपना राजा नहीं मानता। उन्होंने बताया कि मध्यकाल में जब सनातन धर्म पर हमले हो रहे थे, तब तुलसीदास ने रामकथा के जरिए समाज को एकजुट करने का काम किया।

धर्म केवल पूजा नहीं, जीवन शक्ति है मुख्यमंत्री ने जोर देते हुए कहा कि हमने धर्म को कभी भी केवल पूजा-पद्धति तक सीमित नहीं रखा, बल्कि इसे समाज की जीवन शक्ति माना है। उन्होंने स्वीकार किया कि अतीत में राजनीतिक कमजोरियों के कारण देश को विदेशी आक्रांताओं का सामना करना पड़ा, लेकिन सनातन लोककथाओं ने देश के अस्तित्व को बचाए रखा।

शिव की भक्ति से जुड़ी सांस्कृतिक एकता सीएम योगी ने कहा कि उत्तर से दक्षिण और पूरब से पश्चिम तक भारत की सांस्कृतिक एकता का आधार भगवान शिव की भक्ति है। जो भाव तमिलनाडु में महादेव के प्रति है, वही उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में भी देखने को मिलता है। उन्होंने कहा कि देश के अलग-अलग प्रांतों में खान-पान और पहनावा बदल सकता है, लेकिन शिव के प्रति अटूट श्रद्धा पूरे देश को एक सूत्र में पिरोती है।

आयोजन में दिखा भक्ति का माहौल कार्यक्रम के दौरान सीएम योगी ने कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा से भी मुलाकात की और व्यास पीठ का आशीर्वाद लिया। पंडित प्रदीप मिश्रा ने भगवा वस्त्र ओढ़ाकर मुख्यमंत्री का स्वागत किया। इस अवसर पर योगी आदित्यनाथ ने कैबिनेट मंत्री मनोज कुमार पांडेय को आयोजन के सफल संचालन के लिए बधाई दी।

अंत में सीएम योगी ने स्पष्ट किया कि जब तक भारत की धरती पर ऐसी पावन कथाएं गूंजती रहेंगी, तब तक देश की संस्कृति को कोई नुकसान नहीं पहुंचा सकता। ईश्वर की भक्ति ही मनुष्य और समाज को कल्याण के सही मार्ग पर ले जाती है।

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