मध्य प्रदेश के बालाघाट में आदिवासी बच्चों की दर्दनाक मौत के मामले ने अब एक नया कानूनी मोड़ ले लिया है। कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके द्वारा सोशल मीडिया पर किया गया एक व्यंग्यात्मक इस्तीफा उनके लिए मुसीबत बन गया है।
क्या है पूरा मामला? बालाघाट में 30 से अधिक आदिवासी बच्चों की मौत के बाद हालात का जायजा लेने पहुंचे अभिजीत दीपके को स्थानीय लोगों और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स के कड़े विरोध का सामना करना पड़ा। लोगों ने उन पर लाशों पर राजनीति करने का आरोप लगाया। इस तीखी आलोचना के जवाब में दीपके ने खुद को मध्य प्रदेश का मुख्यमंत्री बताते हुए अपने इस्तीफे का एक फर्जी पत्र सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया।
विवादित पत्र और फर्जी लेटर हेड दीपके ने अपने पोस्ट में लिखा, मैं तत्काल प्रभाव से मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देता हूं। उन्होंने इस पत्र के लिए राजकीय लेटर हेड जैसे दिखने वाले प्रारूप का इस्तेमाल किया और प्रधानमंत्री का आभार भी जताया। इस पोस्ट के वायरल होते ही प्रशासन और जनता का गुस्सा फूट पड़ा।
गिरफ्तारी की मांग क्यों? सोशल मीडिया पर लोग इसे प्रशासनिक व्यवस्था, मृत बच्चों के प्रति संवेदनशीलता और संवैधानिक पदों का मजाक उड़ाना मान रहे हैं। यूजर्स का तर्क है कि सरकारी लेटर हेड का गलत इस्तेमाल करना, जनता को भ्रमित करना और खुद को राज्य का मुख्यमंत्री बताना गंभीर अपराध है। अब उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर तुरंत गिरफ्तारी की मांग की जा रही है।
जनता ने मुझे नहीं चुना बालाघाट में जब स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली पर उनसे सवाल पूछे गए, तो दीपके ने पल्ला झाड़ते हुए कहा कि उन्हें जनता ने चुनकर विधानसभा नहीं भेजा है। उन्होंने सफाई दी कि सवाल उन्हें नहीं, बल्कि प्रदेश के असली मुख्यमंत्री और जिला प्रशासन से पूछे जाने चाहिए। हालांकि, उनके इस तर्क ने आग में घी का काम किया और स्थानीय लोगों की नाराजगी और बढ़ गई।
प्रशासन की चुप्पी पर सवाल बैंगा आदिवासी इलाके में बीते कुछ दिनों में हुई मासूमों की मौत ने पहले ही सरकार को बैकफुट पर ला दिया है। अब इस राजनीतिक ड्रामे और फर्जी लेटर विवाद ने पूरे मामले को और अधिक संवेदनशील बना दिया है। फिलहाल, पुलिस प्रशासन इस वायरल पोस्ट को लेकर कानूनी कार्रवाई के दबाव में है। यह देखना बाकी है कि क्या दीपके की यह व्यंग्यात्मक चाल उन्हें बड़ी कानूनी मुसीबत में डाल देगी।
*I hereby resign as the Chief Minister of MP with immediate effect.
— Abhijeet Dipke (@abhijeet_dipke) September 13, 2026
I thank Hon’ble PM @narendramodi ji for giving me the opportunity to serve the people of MP, an opportunity in which I have clearly failed.@GovernorMP pic.twitter.com/BVhfJDIf5n
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