नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन के बीच हुई द्विपक्षीय मुलाकात ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल मचा दी है। यह बैठक ऐसे नाजुक समय पर हुई है जब अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप के आक्रामक रुख और मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच वैश्विक कूटनीति एक नए मोड़ पर है।
मुलाकात के 10 मुख्य बिंदु:
क्षेत्रीय स्थिरता पर जोर: पीएम मोदी और राष्ट्रपति पेज़ेश्कियन ने पश्चिम एशिया में जारी संकट और क्षेत्रीय स्थिरता पर विस्तृत चर्चा की। भारत ने तनाव कम करने और शांति बहाल करने की वकालत की।
भारतीय नाविकों की सुरक्षा: समुद्री क्षेत्र में उपजे तनाव के बीच पीएम मोदी ने भारतीय नाविकों की सुरक्षा को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बताया। इस मुद्दे को बातचीत के दौरान प्रमुखता से उठाया गया।
कूटनीति का रास्ता: भारत ने स्पष्ट किया कि पश्चिम एशिया संकट का कोई भी स्थायी समाधान सैन्य कार्रवाई से नहीं, बल्कि केवल बातचीत और कूटनीति के माध्यम से ही संभव है।
ऊर्जा सुरक्षा की चिंता: दोनों नेताओं के बीच भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर चर्चा हुई। भारत ने जोर दिया कि ऊर्जा आपूर्ति करने वाले जहाजों के लिए समुद्र में सुरक्षित रास्ता सुनिश्चित करना वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए अनिवार्य है।
निरंतर संवाद: ज्ञात हो कि 31 अगस्त को बिश्केक में भी दोनों नेताओं की मुलाकात हुई थी, जिसमें भारत ने संघर्ष को समाप्त करने के लिए हर संभव सहयोग का वादा किया था।
भारत की मध्यस्थता की उम्मीद: राष्ट्रपति पेज़ेश्कियन ने भारत के व्यापक राजनयिक संबंधों का जिक्र करते हुए अपील की कि संघर्ष में शामिल पक्षों को हिंसा से दूर करने के लिए भारत अपनी भूमिका निभाए।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का संकट: शिखर सम्मेलन ऐसे समय हो रहा है जब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की नाकाबंदी की आशंका से समुद्री व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति पर खतरा मंडरा रहा है। यह मुद्दा भारत के लिए रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है।
राष्ट्रीय मुद्रा में व्यापार: राष्ट्रपति पेज़ेश्कियन ने ब्रिक्स देशों के बीच व्यापार में स्थानीय मुद्राओं के उपयोग को बढ़ावा देने का सुझाव दिया ताकि वैश्विक अनिश्चितताओं से बचा जा सके।
वित्तीय एकाधिकार का विरोध: पेज़ेश्कियन ने परोक्ष रूप से अमेरिका की ओर इशारा करते हुए कहा कि ब्रिक्स को ऐसा तंत्र बनाना चाहिए जहां कोई भी देश वित्तीय साधनों के एकाधिकार के जरिए दूसरे के वैध व्यापार को न रोक सके।
वैश्विक चुनौतियों का साया: रूस-यूक्रेन युद्ध, पश्चिम एशिया संकट और ट्रंप की नई टैरिफ नीतियों के बीच यह बैठक कूटनीतिक संतुलन बनाने की भारत की कोशिशों को दर्शाती है। शांति और सुरक्षित व्यापार ही इस वार्ता का केंद्र रहा।
PM Narendra Modi and Iranian President Masoud Pezeshkian begin their bilateral meeting in New Delhi. pic.twitter.com/uqJfu3ThZI
— Devansh Kumar (@BharatKaDevansh) September 11, 2026
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