ब्रिक्स (BRICS) देशों के बिजनेस फोरम में एक ओर भारत ने व्यापार को रफ्तार देने के लिए ठोस कार्ययोजना पेश की, तो दूसरी ओर रूस ने वैश्विक प्रतिबंधों और आर्थिक दबावों की तीखी आलोचना की। नई दिल्ली में प्रस्तावित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से पहले यह बैठक वैश्विक आर्थिक धुरी के बदलते समीकरणों को दर्शाती है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रिक्स बिजनेस काउंसिल के सामने व्यापारिक सुगमता के लिए तीन स्पष्ट लक्ष्य रखे हैं। उनका जोर सिर्फ चर्चाओं पर नहीं, बल्कि आंकड़ों पर आधारित प्रगति पर है:
प्रधानमंत्री ने इन लक्ष्यों की वार्षिक समीक्षा (Annual Review) पर जोर दिया है, ताकि समूह की क्षमता को वैश्विक जीडीपी और व्यापार में ठोस हिस्सेदारी में बदला जा सके।
वहीं, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने वैश्विक व्यापार में अनुचित प्रतिस्पर्धा पर गहरी चिंता जताई। पुतिन ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार का राजनीतिकरण किया जा रहा है, जो अब बदसूरत रूप ले चुका है।
वर्तमान में ब्रिक्स में 11 सदस्य देश शामिल हैं। ये देश वैश्विक आबादी के लगभग 49.5%, कुल वैश्विक जीडीपी के 40% और अंतरराष्ट्रीय व्यापार के 26% का प्रतिनिधित्व करते हैं। भारत की अध्यक्षता में हो रहे इस समिट के जरिए ग्लोबल साउथ की आवाज को एक नई मजबूती देने की कोशिश की जा रही है, जहां व्यापार को भू-राजनीतिक प्रतिबंधों से मुक्त रखने पर सहमति बनाने की कवायद तेज है।
#WATCH | Delhi: At Leaders Session of BRICS Business Forum, PM Narendra Modi says, As BRICS enters its third decade, I would like to urge the BRICS Business Council: Can you prepare a report on removing the top ten trade barriers among BRICS nations? Can we support 100 BRICS… pic.twitter.com/CwfK0N30Xz
— ANI (@ANI) September 11, 2026
पुतिन को मोदी का खास तोहफा: रूसी भाषा में भेंट की 2000 साल पुरानी तिरुक्कुरल
राशन कार्ड पर मुफ्त ट्रैक्टर? सोशल मीडिया के इस दावे का सच आया सामने
न्यूयॉर्क के आसमान में फिर उभरे ट्विन टावर्स : 2,977 ड्रोन्स ने दी शहीदों को भावुक श्रद्धांजलि
विदर्भ बनेगा देश का नया पावरहाउस : गढ़चिरौली से शुरू होगी देश की पहली क्लीन ग्रीन स्टील क्रांति
भगवद्गीता के बाद पुतिन को मिला थिरुक्कुरल का उपहार, पीएम मोदी के इस कदम के क्या हैं गहरे मायने?
महिला एशिया कप 2026: हर फाइनल में टीम इंडिया का दबदबा, आठवीं बार ट्रॉफी पर नजर
सर्वेयरों का अनोखा जुलूस: फसल मुआवजे के नाम पर वसूली पड़ी भारी, पहनाए पेटीकोट-ब्लाउज
मां की अर्थी पर बिलखे हिंदू संत: 1.9 साल की कैद के बाद बाहर आए चिन्मय कृष्ण दास, अधूरी रह गई आखिरी इच्छा
हैवान का जलवा: अक्षय-सैफ की जुगलबंदी ने जीता दर्शकों का दिल, सोशल मीडिया पर मिली शानदार प्रतिक्रिया
मेरी गाड़ी मेरी ताकत है, घमंड नहीं : दमन कलेक्टर ने थार-फॉर्च्यूनर मालिकों को दिलाई शपथ, वायरल हुआ वीडियो