हीरोगिरी-भाईगिरी नहीं, अब जिम्मेदारी से चलेगी गाड़ी : थार-फॉर्च्युनर मालिकों को कलेक्टर ने दिलाई खास शपथ
News Image

आमतौर पर सड़क सुरक्षा अभियानों में हेलमेट और सीट बेल्ट की नसीहत दी जाती है, लेकिन दमन प्रशासन ने इस बार एक अनूठा और कड़ा रास्ता अपनाया है। सड़क पर अक्सर अपनी दबंगई के लिए चर्चा में रहने वाली थार (Thar) और फॉर्च्युनर (Fortuner) गाड़ियों के मालिकों को प्रशासन ने एक साथ बुलाकर नियमों की मर्यादा का पाठ पढ़ाया।

रफ्तार नहीं, संस्कार का संकल्प

दमन प्रशासन और आरटीओ विभाग ने सड़क सुरक्षा के लिए रफ्तार नहीं, संस्कार नाम से एक खास अभियान शुरू किया है। इस मुहिम के तहत 100 से ज्यादा थार और फॉर्च्युनर मालिकों को एक मंच पर इकट्ठा किया गया। दमन के कलेक्टर ने खुद इन वाहन मालिकों को सड़क पर जिम्मेदारी से गाड़ी चलाने और गति सीमा (स्पीड) को नियंत्रित रखने की शपथ दिलाई।

हीरोगिरी-भाईगिरी पर प्रहार

इस शपथ समारोह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहा है। इसमें सबसे ज्यादा ध्यान खींचने वाली बात है- हीरोगिरी और भाईगिरी नहीं करेंगे । प्रशासन का स्पष्ट संदेश है कि बड़ी और महंगी गाड़ी रखने का मतलब यह नहीं है कि सड़क पर कानून आपसे छोटा हो जाता है। अक्सर सड़कों पर इन SUV के साथ जुड़ने वाली रफ ड्राइविंग की छवि को तोड़ने के लिए यह एक कड़ा कदम माना जा रहा है।

क्यों निशाने पर आईं थार और फॉर्च्युनर?

देश भर में पिछले कुछ समय में महंगी SUV से जुड़ी तेज रफ्तार और लापरवाही की घटनाएं बढ़ी हैं। हालांकि, हर ड्राइवर नियम नहीं तोड़ता, लेकिन प्रशासन का यह कदम एक विशेष ड्राइविंग कल्चर के प्रति जागरूकता फैलाने की कोशिश है। प्रशासन का मानना है कि बड़ी गाड़ियों के साथ बड़ी जिम्मेदारी भी आती है।

क्या सिर्फ शपथ से बदलेगी तस्वीर?

सोशल मीडिया पर इस पहल का मिला-जुला असर दिख रहा है। जहां कई लोग इसे एक सराहनीय और रचनात्मक प्रयास मान रहे हैं, वहीं कुछ लोगों ने सवाल भी उठाए हैं। आलोचकों का तर्क है कि समस्या किसी ब्रांड विशेष की नहीं, बल्कि मानसिकता की है। कुछ यूजर्स ने पूछा कि क्या केवल शपथ लेने से लोग सड़क पर सुधर जाएंगे? उनका कहना है कि जागरूकता के साथ-साथ ट्रैफिक नियमों को तोड़ने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई होना भी उतना ही जरूरी है।

असली परीक्षा सड़क पर होगी

भले ही यह कार्यक्रम सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हो, लेकिन इस मुहिम की असली सफलता सड़कों पर दिखेगी। शपथ पत्र पर दस्तखत करना एक बात है, लेकिन उसे सड़क पर निभाना दूसरी। अब देखना यह होगा कि दमन के ये वाहन मालिक अपनी इस शपथ को कब तक और कितनी गंभीरता से लेते हैं। फिलहाल, कलेक्टर का यह संदेश सड़क सुरक्षा पर एक नई बहस छेड़ने में जरूर कामयाब रहा है।

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

BRICS 2026: दिल्ली पहुंचे ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन, PM मोदी के साथ अहम बैठक पर टिकी निगाहें

Story 1

बॉक्स ऑफिस पर छाई हनुमान अंश : प्रोड्यूसर अनुप्रिया नागर ने हरिद्वार में लिया संतों का आशीर्वाद

Story 1

सागर में एक्शन मोड में नए IG: जहरीली शराब के गढ़ में पहुंचे इरशाद वली, बुलडोजर कार्रवाई शुरू

Story 1

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन: क्या रूस-यूक्रेन युद्ध खत्म कराने में गेम चेंजर बनेगा भारत?

Story 1

फाइनल की दहलीज पर भारतीय शेरनियां: जीत के बाद हरमनप्रीत कौर ने किसे दिया जीत का श्रेय?

Story 1

9/11 के 25 साल: आतंकवाद के खिलाफ भारत का संकल्प अडिग, पीएम मोदी ने दी शहीदों को श्रद्धांजलि

Story 1

Bank Strike 2026: 5 दिन की वर्किंग और पेंशन की मांग, देशभर में ठप रहा बैंकिंग कामकाज

Story 1

भारत की GDP ग्रोथ ने चौंकाया IMF, वैश्विक सुस्ती के बीच भी रफ्तार जारी!

Story 1

नई दिल्ली में छाया ब्रिक्स का रंग: विश्व नेताओं का जमावड़ा शुरू, 18वें शिखर सम्मेलन पर टिकी दुनिया की नजरें

Story 1

ब्रिक्स समिट में परोसा जाएगा स्वादिष्ट भारत , कश्मीरी कबाब से लेकर बिहार के सत्तू तक देखें शाही मेन्यू