Bank Strike 2026: 5 दिन की वर्किंग और पेंशन की मांग, देशभर में ठप रहा बैंकिंग कामकाज
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देशभर में शुक्रवार को बैंक कर्मचारियों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल के कारण बैंकिंग सेवाएं बुरी तरह प्रभावित रहीं। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियनों (UFBU) के आह्वान पर हुई इस हड़ताल ने सरकारी बैंकों के कामकाज पर गहरा असर डाला है। मुख्य रूप से 5-डे बैंकिंग की मांग पूरी न होने से खफा कर्मचारी सड़कों पर उतर आए हैं।

सरकारी बैंकों पर सबसे ज्यादा असर हड़ताल का सबसे अधिक प्रभाव पब्लिक सेक्टर बैंकों (PSU Banks) की शाखाओं पर देखा गया। कई शाखाओं में ताले लटके रहे, जबकि जहां कामकाज हुआ भी, वहां बेहद सीमित सेवाएं ही प्रदान की गईं। कैश जमा करने और निकालने, चेक क्लियरिंग, केवाईसी और शाखा आधारित अन्य जरूरी काम पूरी तरह बाधित रहे। निजी बैंकों में इसका असर आंशिक रहा।

5 डे बैंकिंग पर क्यों अड़े हैं बैंक कर्मचारी? हड़ताल की मुख्य वजह पिछले दो साल से लंबित मांग है। मार्च 2024 में इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) और यूनियनों के बीच सभी शनिवार को अवकाश (5-डे बैंकिंग) रखने पर सहमति बनी थी। हालांकि, सरकार की ओर से अभी तक आधिकारिक अधिसूचना (Notification) जारी नहीं की गई है। यूनियनों का आरोप है कि सरकार के ढुलमुल रवैये के कारण उन्हें हड़ताल करने पर मजबूर होना पड़ा है।

डिजिटल सेवाओं पर नहीं दिखा असर बैंक ग्राहकों को राहत देते हुए हड़ताल के बावजूद डिजिटल बैंकिंग सेवाएं चालू रहीं। यूपीआई (UPI), मोबाइल बैंकिंग, इंटरनेट बैंकिंग और एटीएम सेवाएं सामान्य रूप से काम करती रहीं। हालांकि, शाखाओं में होने वाले सीधे लेनदेन के लिए ग्राहकों को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बड़े सरकारी बैंकों ने हड़ताल से पहले ही ग्राहकों को इस संबंध में अलर्ट जारी कर दिया था।

पेंशन और अन्य लंबित मुद्दे सिर्फ 5 दिन का कार्य सप्ताह ही नहीं, बल्कि बैंक कर्मचारियों की अन्य मांगें भी सरकार के लिए चुनौती बनी हुई हैं। इसमें पेंशन अपडेशन, सभी पेंशनभोगियों के लिए समान महंगाई भत्ता (DA) फॉर्मूला और नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) को हटाकर पुरानी पेंशन योजना (OPS) को बहाल करने की मांग प्रमुखता से शामिल है।

UFBU, जो सात प्रमुख बैंक यूनियनों का एक शक्तिशाली संगठन है, ने साफ कर दिया है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। फिलहाल, सरकार की तरफ से इस पर कोई अंतिम प्रतिक्रिया नहीं आई है।

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