नई दिल्ली में छाया ब्रिक्स का रंग: विश्व नेताओं का जमावड़ा शुरू, 18वें शिखर सम्मेलन पर टिकी दुनिया की नजरें
News Image

नई दिल्ली में 12-13 सितंबर को होने वाले 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए वैश्विक दिग्गजों का आगमन शुरू हो गया है। भारत इस वर्ष ब्रिक्स की अध्यक्षता कर रहा है, और राजधानी दिल्ली मेहमानों के स्वागत के लिए पूरी तरह तैयार है।

दिग्गज नेताओं का दिल्ली आगमन दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा और युगांडा की उपराष्ट्रपति जेसिका अलुपो शुक्रवार को नई दिल्ली पहुंचे। केंद्रीय राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने हवाई अड्डे पर गर्मजोशी से उनका स्वागत किया। उल्लेखनीय है कि दक्षिण अफ्रीका ब्रिक्स का सदस्य है, जबकि युगांडा इसके पार्टनर कंट्री के रूप में शामिल हो रहा है।

इनके अलावा, उरुग्वे के विदेश मंत्री मारियो लुबेटकिन, नाइजीरिया की विदेश मंत्री बियांका ओडुमेग्वु-ओजुक्कु और फिलीपींस की विदेश सचिव मारिया थेरेसा पी लाजारो भी शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने पहुंच चुकी हैं।

रूसी राष्ट्रपति पुतिन पहुंचे दिल्ली रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भी सम्मेलन में भाग लेने के लिए नई दिल्ली पहुंच गए हैं। उनके साथ रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव और प्रथम उप प्रधानमंत्री डेनिस मंटुरोव का प्रतिनिधिमंडल भी आया है। पालम हवाई अड्डे पर केंद्रीय राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने राष्ट्रपति पुतिन का स्वागत किया। इस दौरान एशियाई अवसंरचना निवेश बैंक (AIIB) के अध्यक्ष ज़ू जियायी भी दिल्ली पहुंचे।

भारत की अध्यक्षता: लचीलापन, नवाचार और सहयोग भारत ने इस बार के ब्रिक्स सम्मेलन के लिए लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण को मुख्य थीम चुना है। सम्मेलन का केंद्र बिंदु विकास, नई तकनीक, जलवायु परिवर्तन और वैश्विक आर्थिक स्थिरता जैसे मुद्दे होंगे।

ब्रिक्स: ग्लोबल साउथ की आवाज वर्तमान में ब्रिक्स में 11 सदस्य देश (ब्राजील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, भारत, इंडोनेशिया, ईरान, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात) शामिल हैं। ये देश दुनिया की कुल आबादी का लगभग 49.5 प्रतिशत और वैश्विक जीडीपी का 40 प्रतिशत प्रतिनिधित्व करते हैं।

भारत की इस बार की अध्यक्षता का मुख्य उद्देश्य सदस्य देशों के बीच आपसी सहयोग को और अधिक प्रभावी बनाना और विकसित होती वैश्विक चुनौतियों के बीच ग्लोबल साउथ के हितों को मजबूती से रखना है।

भविष्य की दिशा तय करेगा सम्मेलन भू-राजनीतिक तनाव और आर्थिक अनिश्चितता के इस दौर में, यह सम्मेलन सदस्य देशों के लिए व्यापार, ऊर्जा सुरक्षा और तकनीकी नवाचार पर चर्चा करने का बड़ा अवसर है। प्रधानमंत्री मोदी की मौजूदगी में होने वाली द्विपक्षीय वार्ताएं और ब्रिक्स का यह मंच आगामी समय में वैश्विक सहयोग की नई दिशा तय करेगा।

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

जहरीली शराब से 16 मौतें: मुठभेड़ के बाद मुख्य आरोपी रवि लखेरा गिरफ्तार

Story 1

AAP वाले मेरे प्यार में पागल, कहीं नसें न काट लें : राघव चड्ढा का तंज

Story 1

हैवान फिल्म रिव्यू: अक्षय-सैफ की जुगलबंदी ने जीता दिल या कहानी हुई कमजोर? जानें क्या है दर्शकों का रिएक्शन

Story 1

टीम इंडिया के मुख्य फिजियो कमलेश जैन पर गिरी गाज, BCCI ने लिया बड़ा फैसला

Story 1

IND vs AFG T20 2026: भारत-अफगानिस्तान सीरीज का पूरा ब्रॉडकास्ट गाइड, जानें मैच कहां और कैसे देखें

Story 1

सागर में जहरीली शराब का तांडव: आक्रोशित महिलाओं ने शराब दुकान पर बोला धावा, बंद कराने की मांग

Story 1

मेहंदी लगाने वाली एआई मशीन ने बढ़ाई चिंता, हर्ष गोयनका बोले- कई और नौकरियां जाएंगी

Story 1

महिला एशिया कप 2026: फाइनल में भारत की धमाकेदार एंट्री, बांग्लादेश को 40 रनों से दी शिकस्त

Story 1

श्रेयस अय्यर की कप्तानी में दिल्ली पहुंची टीम इंडिया, अफगान लड़ाकों से होगी कड़ी टक्कर

Story 1

पुतिन का दिल्ली में ग्रैंड वेलकम: यूक्रेन जंग के बाद पहली भारत यात्रा, मोदी के साथ तय होगी नई वैश्विक बिसात