दुनिया इस वक्त दो मोर्चों पर भारी संकट का सामना कर रही है। एक तरफ अमेरिका के टैरिफ वॉर ने वैश्विक आर्थिक व्यवस्था की नींव हिला दी है, तो दूसरी तरफ पश्चिम एशिया में होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर बढ़ते तनाव ने तेल और गैस की सप्लाई चेन को ठप कर दिया है। इन विपरीत परिस्थितियों के बीच विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने ब्रिक्स बिजनेस फोरम के जरिए वैश्विक अर्थव्यवस्था को नई दिशा दिखाई है।
अस्थिरता और अनिश्चितता का दौर विदेश मंत्री जयशंकर ने स्पष्ट किया कि दुनिया इस समय अस्थिरता, अनिश्चितता और जटिलता के दौर से गुजर रही है। भू-राजनीतिक संघर्ष, महामारी और जलवायु परिवर्तन ने दुनिया के सामने नई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। उन्होंने कहा कि आज के समय में देशों और कारोबारों के लिए सबसे महत्वपूर्ण यह है कि वे बदलती परिस्थितियों के हिसाब से खुद को कितनी तेजी से ढालते हैं।
ऊर्जा संकट से निपटने का नया फॉर्मूला होर्मुज में जारी संघर्ष के कारण टैंकरों की आवाजाही प्रभावित हुई है, जिससे दुनिया पर एलपीजी और तेल संकट मंडरा रहा है। इस पर समाधान पेश करते हुए जयशंकर ने एक मजबूत और लचीली नई ऊर्जा व्यवस्था बनाने की वकालत की। उन्होंने कहा कि हमारा एनर्जी सिस्टम ऐसा होना चाहिए जो वैश्विक बाधाओं को झेल सके और अलग-अलग देशों की जरूरतों के मुताबिक ढलने में सक्षम हो।
ब्रिक्स देशों के लिए आत्मनिर्भरता का संदेश विदेश मंत्री ने सदस्य देशों को आपसी आर्थिक सहयोग बढ़ाने का मंत्र दिया। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स का उद्देश्य केवल सीमित दायरे में रहना नहीं, बल्कि कारोबार के लिए नए साझेदार तलाशना और सप्लाई चेन को मजबूत करना है। जयशंकर ने साफ किया कि आर्थिक सुरक्षा का मतलब आत्मनिर्भरता है। एक ऐसा तंत्र विकसित करना समय की मांग है जो वैश्विक झटकों के बावजूद देशों को प्रतिस्पर्धी बनाए रखे।
भारत की भूमिका: समाधान का केंद्र ब्रिक्स फोरम में भारत की भूमिका पर जोर देते हुए जयशंकर ने कहा कि भारत आज एक विशाल बाजार, तेजी से बढ़ती विनिर्माण क्षमता (manufacturing capability) और कुशल प्रतिभाओं का केंद्र है। डिजिटल अनुभव और नवाचार (innovation) के दम पर भारत ब्रिक्स को संकट से उबारने और उसे विकास के ट्रैक पर रखने में एक बड़ी भूमिका निभा सकता है।
भविष्य की रणनीति अंत में, जयशंकर ने व्यापार को आसान बनाने के लिए पारदर्शी निवेश और स्थिर कारोबारी माहौल पर जोर दिया। उनका संदेश साफ था: वैश्विक राजनीति में मची हलचल के बीच, अब वक्त आ गया है कि ब्रिक्स देश अपनी साझा क्षमताओं को व्यावहारिक कमर्शियल पार्टनरशिप में बदलें ताकि आने वाले किसी भी एनर्जी शॉक से बचा जा सके।
#WATCH | BRICS Summit 2026 | Speaking at BRICS Business Forum, External Affairs Minister Dr S Jaishankar says, We meet at a time when global political and economic order is under churn. Volatility, uncertainty, and complexity have become defining features of the world around us.… pic.twitter.com/pXJH1UpEJX
— ANI (@ANI) September 11, 2026
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